शिवपुरी। जिले के बैराड़ नगर के ग्राम कालामढ़ क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक संदिग्ध घटना के बाद नकली डेयरी के बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ। तहसीलदार निवास के पास स्थित एक मकान से अचानक तेज धमाके जैसी आवाज और धुएं का गुबार उठने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। संभावित अनहोनी की आशंका के चलते बैराड़ तहसीलदार दृगपाल सिंह वैश्य ने तुरंत नगर परिषद की फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया।
फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक धुआं और आवाज बंद हो चुकी थी, लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान मकान में अवैध रूप से मावा (खोया) बनाने का प्लांट संचालित होता मिला। जांच के दौरान मकान में किरायेदार के रूप में मौजूद विवेक गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता निवासी वार्ड नंबर 8 मिला। उसने बताया कि यह मकान महाबीर प्रसाद गुप्ता का है, जिसे उसने किराए पर लेकर करीब छह माह से मावा बनाने का प्लांट चला रखा था। मौके पर इलेक्ट्रिक और लकड़ी से चलने वाली मशीनें तथा बड़ी कढ़ाइयां लगी मिलीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसके पास मावा निर्माण या विक्रय का कोई वैध लाइसेंस नहीं है।
निरीक्षण के दौरान मकान के एक कमरे में रखे डीप फ्रीजर से करीब 1 क्विंटल फफूंद लगा सड़ा खोया, लगभग 50 किलो तैयार मावा, करीब 1 क्विंटल दूध, करीब 15 किलो घी तथा 15 किलो की रिफाइंड कट्टी में करीब 5 किलो रिफाइंड तेल मिला। इसके अलावा मौके पर डिटर्जेंट पाउडर सहित अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई। प्रशासनिक टीम ने सभी सामग्री को पंचों की मौजूदगी में जब्त कर सील कर दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार प्लांट में लगी एक पाइप फटने से तेज धमाका हुआ था, जिसके बाद धुएं का गुबार उठ गया और इलाके में हड़कंप मच गया। इसी घटना के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान नकली मावा, दूध, पनीर और घी बनाने के इस अवैध प्लांट का खुलासा हो गया।
बताया जा रहा है कि यह अवैध प्लांट लंबे समय से संचालित हो रहा था। इससे पहले भी नकली दूध और मावा बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी। शनिवार को जैसे ही मामले की जानकारी तहसीलदार दृगपाल सिंह वैश्य को मिली, उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कराई और प्लांट को सील कर दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से यहां नकली दूध, मावा और पनीर बनाने का काम चल रहा था। इस संबंध में पहले भी खबरें सामने आई थीं, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह अवैध कारोबार जारी रहा। अब मामले का खुलासा होने के बाद नगरवासियों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।









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