शिवपुरी: जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अश्लील वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर महिलाओं के नाम से चैटिंग करना, अश्लील बातचीत की रिकॉर्डिंग करना और बाद में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बलात्कार व चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलना इनका मुख्य तरीका था। चार अलग-अलग एफआईआर में कुल 32 आरोपियों को नामजद किया गया, जिनमें से 20 को गिरफ्तार कर लिया गया है।प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स’ के तहत यह कार्रवाई की गई। अभियान का उद्देश्य फर्जी बैंक खातों और म्यूल अकाउंट के जरिए होने वाले साइबर अपराधों पर रोक लगाना है। ग्वालियर जोन के अधिकारियों के मार्गदर्शन में शिवपुरी पुलिस ने करैरा, भौंती और अन्य थाना क्षेत्रों में दबिश देकर गिरोह के सदस्यों को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में गठित नौ विशेष टीमों ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि आरोपी HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे एप्लीकेशनों का उपयोग कर लोगों को फंसाते थे। पहले दोस्ती और अश्लील चैट, फिर स्क्रीन रिकॉर्डिंग, उसके बाद फर्जी पुलिस बनकर कॉल कर समझौते के नाम पर वसूली की जाती थी। कई मामलों में क्रेडिट कार्ड से रकम निकालने और फर्जी लोन लेने की शिकायतें भी मिलीं।
थाना करैरा में अपराध क्रमांक 125/26, 122/26 और 119/26 तथा थाना भौंती में अपराध क्रमांक 45/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत प्रकरण कायम किए गए हैं। पुलिस ने 29 मोबाइल फोन, 7 चार पहिया वाहन, एक मोटरसाइकिल, 1.20 लाख रुपये नगद, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक और एक मकान की रजिस्ट्री जब्त की है। जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 7 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति से अश्लील वीडियो कॉल या चैट न करें, किसी भी तरह की डिजिटल गिरफ्तारी या पुलिस बनकर की गई धमकी से न डरें और तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। साइबर अपराधों के खिलाफ यह कार्रवाई जिले में एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।










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