शिवपुरी: शहर में कलेक्ट्रेट के पास बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक ग्रामीण की बाइक जबरन रोककर जब्त कर ली गई। शुरुआत में इसे लूट की घटना समझा गया, लेकिन बाद में पता चला कि यह कार्रवाई एक फाइनेंस कंपनी द्वारा बकाया किस्तों के चलते की गई थी। इसी दौरान एक अन्य युवक को भी कुछ लोग अपने साथ ले गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
खतौरा गांव निवासी जीतू गोलिया ने बताया कि बुधवार को उनके भाई सोनू गोलिया और इंदार गांव निवासी गगन रघुवंशी की न्यायालय में चल रहे एक चोरी के मामले में पेशी थी। पेशी के बाद गगन रघुवंशी न्यायालय के पिछले गेट से बाहर निकले, तभी एक वाहन में सवार कुछ लोग आए और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गगन को पुलिस उठाकर ले गई है। उल्लेखनीय है कि बीती रात इंदार गांव में डेढ़ करोड़ से अधिक की चोरी की वारदात हुई थी। माना जा रहा है कि इंदार पुलिस गगन रघुवंशी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है।
इसी बीच, जब जीतू और सोनू अपने साथी गगन को तलाशने के लिए बाइक से निकले, तो कलेक्ट्रेट के पास तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक ली। उन्होंने बाइक को जबरन छीन लिया और अपने साथ ले गए। अचानक हुई इस घटना से दोनों भाई घबरा गए।
जानकारी के अनुसार, यह बाइक सोनू गोलिया को करीब डेढ़ साल पहले शादी में दहेज में मिली थी। बाद में पता चला कि बाइक फाइनेंस पर खरीदी गई थी और उसकी किस्तें जमा नहीं की गई थीं। जीतू गोलिया के मुताबिक, फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने लगभग 60 हजार रुपये की बकाया किस्तें बताते हुए बाइक जब्त कर ली।
शहर में फाइनेंस कंपनियों द्वारा इस तरह से बाइक जब्त किए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में कलेक्ट्रेट क्षेत्र और झांसी तिराहा इलाके में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जहां अचानक पहुंचे लोगों ने बाइकों को रोककर जबरन ले लिया और मारपीट की भी शिकायतें सामने आईं।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से शहर में दहशत का माहौल बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वसूली करनी है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाए, न कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की कार्रवाई कर लोगों में भय का वातावरण बनाया जाए।







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