शिवपुरी: जिले की करैरा थाना पुलिस ने लैब खोलने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले ससुर-दामाद को गुरुवार को मथुरा से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद ठगी के शिकार कई अन्य लोग भी सामने आने लगे हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि 4 नवंबर 2024 को फरियादी सुरेश चंद्र जाटव (62), निवासी वार्ड क्रमांक 12, झांसी रोड करैरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, बबलू गुचैट नामक व्यक्ति, जो खुद को बंगाली डॉक्टर बताता था, टीला रोड क्षेत्र में क्लिनिक चला रहा था।
बबलू गुचैट ने कामाक्षा मंदिर के पास स्थित फरियादी की दुकान में लैब खोलने का प्रस्ताव रखा। उसने पार्टनरशिप में लगभग 16 लाख रुपए खर्च होने की बात कही। आरोपी के झांसे में आकर फरियादी ने 26 फरवरी 2024 से 27 अक्टूबर 2024 के बीच फोन-पे स्कैनर के माध्यम से लगभग 7 लाख रुपए आरोपी को दिए।
31 अक्टूबर 2024 को आरोपी अपने परिवार सहित मकान खाली कर फरार हो गया और उसके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इस पर करैरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि मुख्य आरोपी बबलू गुचैट अपने ससुर के साथ बिहार से मथुरा घूमने आया हुआ था। विश्वसनीय सूचना मिलने पर करैरा पुलिस ने सायबर सेल शिवपुरी की मदद से मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में दबिश दी और मुख्य आरोपी बबलू गुचैट को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा बबलू गुचैट ने अपने ससुर को दिया था। इसके बाद पुलिस ने ससुर राजू साह को भी आरोपी बनाते हुए उसे भी मथुरा-वृंदावन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को करैरा थाने लाए जाने के बाद ठगी के शिकार कई अन्य लोग भी थाने पहुंच गए। पीड़ितों ने अलग-अलग तरीकों से की गई धोखाधड़ी को लेकर अपनी शिकायतें पुलिस के समक्ष रखीं और अपने-अपने पैसे वापस दिलाए जाने की मांग की। पुलिस के अनुसार अब तक सामने आए मामलों में लाखों रुपए की ठगी की आशंका जताई जा रही है, जिससे जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों, बैंकिंग व डिजिटल लेन-देन और ठगी की कुल राशि को लेकर गहन जांच कर रही है।








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