शिवपुरी: जिले के पोहरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भटनावर के मठ गांव में हैंडपंप के दूषित पानी से ग्रामीणों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ने पर युवक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के बाद जब ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सूचना दी, तो विभागीय अमला मौके पर पहुंचा, लेकिन समाधान के बजाय हैंडपंप पर केवल “पानी पीने योग्य नहीं है” लिखकर लौट गया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पीने के पानी का एकमात्र सहारा यही हैंडपंप था। उसी का पानी पीकर रोहित पुरी गोस्वामी ,पुरुषोत्तम पूरी ,आकाश गोस्वामी ,रमेश गोस्वामी ,शिवांशी गोस्वामी ,श्रृष्टि गोस्वामी ध्रुवी गोस्वामी,महिला ज्योति ,उर्मिला कोमल पूरी बीमार पड़े हुए है इसके बाद गांव के लोग सुरक्षित पेयजल के लिए भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को सिर्फ चेतावनी लिखने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था और शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी।
इधर पानी की समस्या को लेकर दुलारा पंचायत के सरपंच दिनेश धाकड़ ने पीएचई विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूरी पंचायत में लगे कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। कुछ हैंडपंपों में पाइप की संख्या बढ़ाने पर पानी निकल सकता है, लेकिन इस संबंध में दी गई कई लिखित शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मामले में पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री शुभम गुप्ता ने बताया कि दुलारा पंचायत और मठ गांव में जांच के लिए एसडीओ को भेजा जाएगा। जांच के बाद पेयजल की समस्या के समाधान के लिए जो भी व्यावहारिक विकल्प होंगे, उन पर अमल कर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाएगी।









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