बैराड़ अस्पताल भगवान भरोसे मरीज परेशान
डॉक्टर राजू सिंह सहित कई डॉक्टरों पर सवाल
खौड़ ट्रांसफर के बाद भी बैराड़ अटैचमेंट! डॉक्टर राजू सिंह पर सेटलमेंट के चर्चे तेज, मरीज बेहाल
प्रिंस प्रजापति, शिवपुरी। बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल की स्थिति को लेकर क्षेत्र में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अस्पताल में दवाओं की कमी, उपचार में देरी, सफाई में लापरवाही और फर्जी तरीके से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने जैसी गड़बड़ियाँ चर्चा में हैं। कहा जा रहा है कि रिकॉर्ड में डॉक्टरों की हाजिरी प्रजेंट दिखाई देती है, जबकि मौके पर डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे मरीजों को झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सूत्र बताते हैं कि प्रसूति/डिलीवरी के दौरान सुविधा दिलाने, बेड व्यवस्था या संबंधित दस्तावेज आगे बढ़ाने में पैसों की मांग की चर्चाएँ भी तेजी से फैल रही हैं। ओपीडी समय में चार डॉक्टर तैनात होने के बावजूद, मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है और कई मामलों में चेकअप के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ता है। बताया जाता है कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बैराड़ में निवास नहीं करते है , प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सप्ताह में 1 बार ही बैराड़ आते है सूत्रों की माने तो प्रभारी चिकित्सा अधिकारी शिवपुरी में निवास कर वही से बैराड़ का संचालन करते है इसलिए अस्पताल संचालन भगवान भरोसे चलता दिखाई देता है। हालात ये हैं कि किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हो रही और न ही प्रशासनिक कार्रवाई का कोई संकेत दिखाई देता है।
इन परिस्थितियों में अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के निवास, ड्यूटी समय, ऑनलाइन हाजिरी और वेतन भुगतान तक पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव-क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि कुछ डॉक्टर दूर शहरों में रहकर बैराड़ में सेवा दे रहे हैं, जबकि अस्पताल में उनकी मौजूदगी कम ही दिखाई देती है। वहीं बंध पत्र चिकित्सा अधिकारी पर अतिरिक्त दबाव और बगैर सिस्टम सपोर्ट के काम करने की नौबत आ रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति मरीजों के लिए परेशानी और अविश्वास का कारण बन रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग या जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इन चर्चाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बैराड़ CHC में गड़बड़ियों व पांच डॉक्टरों का खाका
▪ ऑनलाइन उपस्थिति फोटो/वीडियो के आधार पर फर्जी तरीके से लगने की चर्चाएँ, रिकॉर्ड में प्रजेंट, अस्पताल में अनुपस्थित।
▪ प्रसूति/डिलीवरी के दौरान सुविधा दिलाने में पैसों की मांग की बातें, बेड/सुविधा/दस्तावेज में लेन-देन की चर्चाएँ।
▪ OPD समय में चारों डॉक्टरों की मौजूदगी संदिग्ध, लेकिन उपस्थिति रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य दिखता है।
▪ प्रभारी डॉक्टर शिवपुरी रहना पसंद करते हैं, अस्पताल में कम दिखने की बातें चर्चा में, घर-परिवार को प्राथमिकता ज्यादा बताई जा रही है।
▪ डॉक्टर राजू सिंह के ग्वालियर में रहने और ट्रांसफर के बावजूद बैराड़ में रहना, सेटलमेंट का परिणाम बताई जा रही बातें।
▪ डॉक्टर शुभम गुप्ता जो कि बंध पत्र चिकित्सक है वह अन्य डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने के चलते दबाव में ड्यूटी कर रहे हैं और अस्पताल भगवान भरोसे।
▪ डॉक्टर नवल किशोर अग्रवाल महीने में मुश्किल से कुछ दिन दिखते हैं, लेकिन वेतन नियमित मिल रही है।
▪ प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ द्वारिका वर्मा की मौन सहमति से यह व्यवस्था चल रही होने की बातें स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय हैं।
▪डॉक्टर देवेश धाकड़ भी स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक पहचान से ड्यूटी को ठेंगा दिखाकर जल्वे छान रहे है।
बारीकी से देखें तो बैराड़ सीएचसी की वर्तमान स्थिति जनता के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। यदि विभागीय स्तर पर त्वरित जांच और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो यह स्वास्थ्य केंद्र नाम मात्र का रह जाएगा। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि आने वाले दिनों में स्थानीय लोग उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर मामले की औपचारिक शिकायत करने की तैयारी में हैं।
इनका कहना है
फर्जी प्रेजेंट लगाने से जुड़े आरोप सहित सभी बिंदु आपके द्वारा मेरे संज्ञान में लाए गए हैं। पूर्व मे भी ऐसी शिकायतें सामने आई है, मैं संपूर्ण जांच कर रहा हूँ। यदि किसी डॉक्टर की लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है तो वरिष्ठ कार्यालय को प्रतिवेदन भेजकर कड़ी कार्यवाही कराई जाएगी। मरीजों के साथ लापरवाही, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और रिश्वतखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दीक्षांत गुदोनिया, बीएमओ पोहरी








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