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देवपुत्र बाल महोत्सव 2025–26: सृजनात्मक प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाया प्रतिभा का उत्कर्ष / Shivpuri News

शिवपुरी। देवपुत्र बाल मासिक पत्रिका के तत्वावधान में आयोजित देवपुत्र बाल महोत्सव 2025–26 का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय, फतेहपुर रोड, शिवपुरी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया, जिससे वातावरण संस्कार, सृजनशीलता और प्रेरणा से भर उठा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री अमन सिंह राठौड़, मुख्य वक्ता संगठन मंत्री विद्या भारती मध्य भारत प्रांत श्री निखिलेश माहेश्वरी, विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी शिवपुरी श्री विवेक श्रीवास्तव रहे, जबकि अध्यक्षता डॉ. पवन कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य पीएम उत्कृष्ट श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी ने की।

मंचस्थ अतिथियों का स्वागत श्री कुंजबिहारी चतुर्वेदी एवं श्री रामकुमार व्यास द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्राचार्य श्री लोकेंद्र सिंह मेवाड़ा ने कराया। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन आचार्य श्री अवनीश श्रीवास्तव ने किया, वहीं आभार प्रदर्शन श्री कुंजबिहारी जी चतुर्वेदी द्वारा किया गया।

बाल महोत्सव के अंतर्गत सुनो कविता, सुनो कहानी, तात्कालिक भाषण, चित्रकला एवं निबंध लेखन जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बाल वर्ग एवं किशोर वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी विधाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल देखते ही बनता था।

कार्यक्रम की भूमिका देवपुत्र पत्रिका के प्रबंध संपादक श्री नारायण सिंह चौहान ने रखते हुए बाल साहित्य एवं संस्कारों की महत्ता पर प्रकाश डाला। बाल महोत्सव का प्रतिवेदन संयोजक श्री रामकुमार व्यास ने प्रस्तुत किया, जिसमें महोत्सव की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विवरण दिया गया।

मुख्य वक्ता श्री निखिलेश माहेश्वरी ने देवपुत्र पत्रिका के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पत्रिका बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और चारित्रिक गुणों का विकास करती है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती बच्चों के भीतर देवत्व जाग्रत करने का प्रयास करती है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ऐसे आयोजन बच्चों के मनोबल एवं अनुशासन को सुदृढ़ करते हैं।

मुख्य अतिथि श्री अमन सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में मोटिवेशन एवं डिसिप्लिन के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने वर्तमान समय में किशोरों द्वारा इंटरनेट के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों एवं शिक्षकों से बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखने का आग्रह किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. पवन कुमार श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं कौशल निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रख्यात कवि डॉ. एच.पी. जैन, श्री आशुतोष शर्मा सहित अन्य कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में विद्या भारती के पदाधिकारी श्री मोहनलाल गुप्ता (अध्यक्ष, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्य प्रदेश, भोपाल), श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी (सह सचिव), संघ के पदाधिकारी, लगभग 553 प्रतिभागी भैया-बहन, विद्या भारती के संविचारी विद्यालयों, सेंट जॉन्स विद्यालय एवं छावनी विद्यालय के छात्र-छात्राएं व स्टाफ, आचार्य-दीदी, गणमान्य नागरिक, अभिभावक, 35 निर्णायक मंडल एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

समग्र रूप से देवपुत्र बाल महोत्सव 2025–26 बच्चों की प्रतिभा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को प्रोत्साहित करने वाला एक सफल, प्रेरणादायी एवं स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।

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