शिवपुरी: सबजेल पोहरी में गीता जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को एक विशेष संक्षिप्त श्रीमद्भगवद्गीता प्रवचन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सहायक जेल अधीक्षक श्री सौरभ वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जेल में निरूद्ध बंदियों के सर्वांगीण, नैतिक एवं आध्यात्मिक उत्थान को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में पंडित श्री विशंभर शर्मा द्वारा गीता के अध्याय 11 (विश्वरूप दर्शन योग), अध्याय 12 (भक्तियोग) एवं अध्याय 15 (पुरुषोत्तम योग) के महत्वपूर्ण उपदेशों को सरल भाषा में समझाया गया। उन्होंने बताया कि गीता का ज्ञान व्यक्ति को कर्तव्य पालन, आत्मानुशासन, क्रोध नियंत्रण, नशामुक्ति, कर्मयोग, भक्तियोग तथा सकारात्मक चिंतन की दिशा में प्रेरित करता है।
प्रवचन के दौरान यह भी बताया गया कि गीता की शिक्षाएँ जीवन के संकटों का सामना धैर्य, संयम और विवेक से करने की प्रेरणा देती हैं। इन उपदेशों से बंदियों में आत्मविश्वास, आत्ममंथन और जीवन को नई दिशा देने की आशा उत्पन्न हुई।
कार्यक्रम में सबजेल पोहरी में पदस्थ मुख्य प्रहरी मौरूलाल, रामरूप शर्मा, बैजनाथ सोनकर, धर्मेंद्र सिंह धाकड़, राहुल माहौर, अरुण शर्मा, श्रीमती नीलेश शर्मा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे.








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