शिवपुरी: जिले के पिछोर क्षेत्र में आज आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। ग्राम चिन्नौदी से कदवाया (ईसागढ़) स्थित चौदस बीजासेन माता के मंदिर तक 45 किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई, जिसमें गांव का हर घर शामिल हुआ।
डीजे की धुनों पर नाचते–गाते, भजनों पर थिरकते हुए ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चुनरी यात्रा में नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर मातृशक्ति तक बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्ति और सजावट का विशेष माहौल देखने को मिला।
ग्राम चिन्नौदी धार्मिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार यहां पूरे वर्ष किसी न किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होता रहता है।
रामनिवास बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव के लोग हाल ही में कई तीर्थ स्थलों की यात्रा से लौटे हैं। चिन्नौदी की खासियत यह है कि यहां हर धार्मिक आयोजन समरसता और बिना किसी भेदभाव के संपन्न होता है।
चुनरी यात्रा का उद्देश्य गांव में सुख-समृद्धि, शांति और एकता की कामना रखना है। गांववासियों ने बताया कि ऐसी यात्राएं आपसी सद्भाव को और मजबूत करती हैं, और यही चिन्नौदी की पहचान बन चुकी है, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का यह अद्भुत उदाहरण चिन्नौदी गांव को विशेष बनाता है। चुनरी यात्रा लगातार कदवाया की ओर बढ़ रही है और देर शाम बीजासेन माता के दरबार पहुँचने की संभावना है।







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