शिवपुरी: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और अनदेखी के कारण जिले भर में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों की भरमार बनी हुई है. जिला मुख्यालय पर भी सैकड़ो स्थान पर झोलाछाप डॉक्टरों की दुकाने खुली हुई है एक तरफ जिला मुख्यालय पर इन झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है. वहीँ जिले भर में झोला छाप डॉक्टरों की दुकानों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के द्वारा अनदेखा किया जा रहा है. नतीजा पिछले 10 वर्षों में शिवपुरी जिले भर में झोला छाप डॉक्टर के हाथों से इलाज के दौरान मौत के सैकड़ो मामले सामने आ गए है. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जिला मुख्यालय सहित जिले भर में संचालित झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बड़े पैमाने पर हर महीने हजारों रुपए की रिश्वत लेकर इन पर विभाग द्वारा मेहरबानी बरती जा रही है ऐसे में पिछले 10 वर्षों में जिले के पोहरी कोलारस, बदरवास, लुकवासा, करैरा, पिछोर, दिनारा, खनियांधाना, नरवर, बैराड, रन्नोद सहित जिले के अन्य कई गांव से झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मरीज की मौत के आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग के मुंह पर न केवल तमाचा मारा है बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को मौत के आंकड़ों पर अपने कार्यालय पर ताला डाल देना चाहिए…? जिलेभर में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें बिना रोक-टोक के संचालित बनी हुई है. इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इन झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों से महीने की वधी के रूप में हजारों रुपए ले रहे हैं यह कटु सत्य है…? ऐसे में अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और लापरवाही से झोलाछाप डॉक्टर इलाज के दौरान मरीज की मौत के और कितने मामले सामने आते हैं…? वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की कुर्सी पर डॉक्टर संजय अपनी सेवाएं दे रहे है और उनके कार्यकाल में झोला छाप डॉक्टर की जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले भर में और अधिक संख्या बढ़ गई है.








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