प्रिंस प्रजापति शिवपुरी। खबर जिले के पिछोर जनपद के मनपुरा शिक्षा केंद्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बनिहाँपुरा से है जहां बीते रविवार को एक वीडियो बायरल हुआ था जिसमें विद्यालय में पदस्थ शिक्षक किशनलाल शिवहरे द्वारा निशुल्क मिलने बाली शासकीय पुस्तकों को कबाड़े में बेच दिया था। मामले में वीडियो बायरल होने के बाद बरिष्ठ अधिकारियों ने सोमबार को जांच टीम भेजकर जांच कराने की बात कही थी।
बता दें कि वीडियो में शिक्षक द्वारा शासकीय पुस्तकों को बेचने का स्पष्ट दिखाई देने के साथ एक क्लिंटल किताबों को इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर बेचने की बात भी विडियो में सुनाई दी। जिसे शिक्षक ने स्वीकारा है साथ ही शिक्षक ने कहा था कि किताबों को हटाने के लिए पालक शिक्षक समिति में प्रस्ताव रखा गया था।
अब इस मामले में सोमबार को जांच टीम विद्यालय तो पहुंची थी लेकिन शिक्षक किशनलाल ने अपने बचाव हेतु बच्चों का सहारा लिया। बता दें कि शिक्षक ने बच्चों को पहले ही बोल दिया कि स्कूल की किताबें बेचने की किसी ने शिकायत कर दी है इसलिए जब अधिकारी आएं तो उनको झूठी कहना है कि किताबों के कारण स्कूल में सांप निकल आते है इसलिए सफाई की है। बच्चों का कहना है कि स्कूल में आज दिनांक तक सांप निकलने जैसा कोई घटनाक्रम नही हुआ। इसका वीडियो भी सामने आया है। अब यहां स्पष्ट समझा जा सकता है कि शिक्षक द्वारा किए गए बच्चों के भविष्य के सौदे को विभाग भी सहलाने में लगा है।
अब यहां सवाल है कि यदि वास्तव में पुस्तकों का प्रस्ताव रखा था तो फिर शिक्षक किशनलाल द्वारा बच्चों से झूठ बोलने की क्यों कहां? साथ ही क्या शिक्षक को यह ज्ञात नहीं है कि सरकारी संपत्ति को कबाड़े में नहीं बेचा जाता। इसके साथ ही पानी पीने का कैम्पर यदि किताबें बेचकर लाया जा रहा है तो क्या सरकार के पास इतनी राशि नहीं की बच्चों को पीने के पानी के लिए बर्तन की सुविधा न कर सके। ऐसे कई सवाल है जिनका जबाब विभाग और शिक्षक को देना है।
इतना ही नहीं मंगलवार को स्कूल के सभी बच्चों ने कलेक्टर को भी इस मामले की शिकायत की है उन्होंने बताया है कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक किशनलाल शिवहरे द्वारा शासन से मिली स्कूली किताबें कबाड़ी को बेच दीं। बच्चों के पालकों का कहना है कि शिक्षक लंबे समय से विद्यालय में अनियमितता कर रहा है और समय पर स्कूल नहीं आता। घटना की जांच के लिए अधिकारी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने लीपापोती और धमकाने का आरोप लगाया है। बच्चों व पालकों ने कलेक्टर शिवपुरी से मामले की उच्च स्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग की है।









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