शिवपुरी: इस बार नगर पालिका की अध्यक्ष बिना किसी को चाय पिलाए और बिना 1 खर्च किए बगैर बनी है किस्मत की ऐसी धनी गायत्री शर्मा की भानु दुबे और राम जी व्यास को पीछे छोड़ दिया…? गायत्री शर्मा पहले दिन मीडिया से बातचीत में बोल रही थी कि मैं शहर की जनता के लिए जी जान एक कर दूंगी और शहर को साफ सुथरा और सुंदर बना दूंगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ गायत्री शर्मा के आसपास भाजपा के कुछ छोटे नेता घूमने लगे और उन्होंने नगर पालिका से अपने स्वार्थ सिद्ध कर लिए इस बीच नगर पालिका की अध्यक्ष ने भी भ्रष्टाचार की पूरी हदे पार कर दी…? उनके ढाई तीन वर्ष के कार्यकाल में जमकर भ्रष्टाचार हो गया और इस भ्रष्टाचार की आवाज मध्य प्रदेश के कोने-कोने में गूंज गई…? नतीजा भ्रष्टाचार के चलते 18 से 20 पार्षदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ते-लड़ते अपने घर बैठ गए…? भ्रष्टाचार की लड़ाई में पार्षदों ने नगर पालिका के दो अधिकारी जितेंद्र और सतीश निगम को पुलिस का मुंह दिखा दिया. इतना ही नहीं नगर पालिका के एक ठेकेदार अर्पित शर्मा को जेल की सलाखों के पीछे भिजवा दिया पार्षद यहीं पर नहीं रुके पार्षदों ने अब वार्ड क्रमांक 25 में भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ी है वार्ड क्रमांक 25 में भी सड़क बनाने को लेकर भ्रष्टाचार किया है जिसकी लड़ाई पार्षद लड़ रहे है. समाचार के आखिर में इतना ही कहा जा सकता है कि पिछले तीन वर्ष की नगर पालिका में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इतना भ्रष्टाचार किया है कि उनको शर्म के मारे पानी में डूब कर मर जाना चाहिए…?







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