शिवपुरी में दीपावली पर देशी कार्बाइड गन के इस्तेमाल से 17 लोग घायल हो गए। इनमें से दो गंभीर रूप से घायल मरीजों को ग्वालियर रेफर किया गया है, जो वर्तमान में रतन ज्योति अस्पताल में भर्ती हैं। शेष 15 घायलों की हालत सामान्य बताई जा रही है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय ऋषीश्वर ने शुक्रवार को सरकारी आंकड़ों के माध्यम से दी।
डॉ. ऋषीश्वर ने बताया कि कैल्शियम कार्बाइड और पानी की प्रतिक्रिया से चलने वाली इन बंदूकों से आंखों और चेहरे पर गंभीर चोटें आ रही हैं। उन्होंने जिले के नागरिकों से ऐसी देशी गन का उपयोग न करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये बंदूकें न केवल आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, बल्कि स्थायी विकलांगता का कारण भी बन सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को ऐसे खतरनाक प्रयोगों से रोकने और आसपास के लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश चतुर्वेदी के अनुसार, इस रासायनिक प्रतिक्रिया में बनने वाली एसिटिलीन गैस (इथाइन) अत्यधिक ज्वलनशील होती है। यह गैस आंखों, त्वचा और फेफड़ों के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, शिवपुरी शहर और आसपास के गांवों में बच्चों व युवाओं ने यूट्यूब देखकर पाइप, बोतल, लाइटर और कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग कर ये देशी बंदूकें बनाईं। पानी डालने पर कैल्शियम कार्बाइड की प्रतिक्रिया से बनने वाली गैस के दबाव से यह गन तेज धमाके जैसी आवाज करती हैं। दीपावली के दिन कई युवाओं को इन बंदूकों को चलाते समय आंखों और चेहरे पर चोटें आईं, जिनमें से कुछ युवकों की आंखों की रोशनी पर भी खतरा मंडरा रहा है।







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