शिवपुरी: नगर में मकान बेचने के नाम पर दो लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। धार जिले के सरदारपुर में तैनात विकासखंड समन्वयक नरेंद्र गुप्ता के साथ यह ठगी हुई है। कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मां-बेटे सहित चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि नमो नगर निवासी लक्ष्मी भार्गव और उनके बेटे विश्वनाथ भार्गव ने दो दलालों—धन्नालाल सेन और चंद्रकिशोर कुशवाह—के साथ मिलकर नरेंद्र गुप्ता को एक मकान बेचा। उन्होंने मकान को बिना विवाद वाला बताया था। इस सौदे की कीमत 28 लाख रुपये तय हुई थी।
पीड़ित नरेंद्र गुप्ता ने 24 सितंबर 2025 को मकान खरीदने के लिए विक्रेता के बेटे के बैंक खाते में 2 लाख रुपये एडवांस दिए थे। इसके अलावा 10 हजार रुपये दलाली के रूप में भी दिए। रजिस्ट्री की तारीख 20 अक्टूबर 2025 तय की गई थी।
जब नरेंद्र गुप्ता ने रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति का सत्यापन कराया, तो पता चला कि जिस मकान को बेचने की बात कही गई थी, उस पर पहले से ही अदालत में केस (RCSA 44/2020) चल रहा है और उसकी बिक्री पर रोक है। आरोपियों ने यह बात छिपाई थी।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के साथ अनुबंध की कॉपी, बैंक ट्रांजेक्शन और दलाली की रसीदें जमा की गई हैं। मामले की जांच चल रही है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







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