शिवपुरी। सहरिया विकास परिषद मध्यप्रदेश द्वारा बुधवार को जिला मुख्यालय पर आदिवासी समुदाय की समस्याओं को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर शिवपुरी को सौंपा गया। परिषद ने ज्ञापन में कहा कि जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी समाज के लोगों के साथ आए दिन दबंगों द्वारा अत्याचार, मारपीट और अन्याय की घटनाएं हो रही हैं, जिन पर पुलिस-प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
परिषद ने बताया कि कई मामलों में एफआईआर तभी दर्ज होती है जब शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचती है, जबकि अन्य मामलों में आदिवासियों को डरा-धमकाकर चुप करा दिया जाता है। परिषद ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा आदिवासियों के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं और प्रशासन दबंगों को संरक्षण दे रहा है।
11 बिंदुवार मांगें –
• मायापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुरा गांव में आदिवासी युवतियों के साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग।
• आदिवासी बस्तियों में संचालित अवैध शराब दुकानों को हटाने और नशा मुक्ति अभियान चलाने की मांग।
• वन विभाग द्वारा आदिवासियों के साथ भेदभावपूर्ण कार्रवाई बंद करने और दबंगों से वन भूमि मुक्त कराने की मांग।
• आदिवासियों की आत्मसुरक्षा हेतु बंदूक लाइसेंस जारी करने की मांग।
• ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में आदिवासियों से सुझाव लेकर विजन प्लान तैयार करने की मांग।
• आदिवासी क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग।
• राजस्व विभाग द्वारा फौती-नामांतरण लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा करने की मांग।
• सहरिया जनजाति के युवक-युवतियों को नियम 4(ख) के तहत सीधी भर्ती का लाभ देने की मांग।
• ग्राम पटेवरी में तालाब निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
• ग्राम बीलबरखुर्द में आदिवासियों की जमीन पर कब्जा हटवाने की मांग।
• टोडा पंचायत के ग्राम मेहरगड़ा को ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में शामिल करने की मांग।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया तो सहरिया विकास परिषद चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।







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