शिवपुरी: खनियांधाना जनपद पंचायत के ग्राम गताझलकुई में आदिवासी हितग्राहियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। तत्कालीन पंचायत सचिव जीवन सिंह यादव ने 125 आवासों का ठेका लिया था, लेकिन उनमें से केवल 37 आवास पूर्ण किए गए, 73 छत स्तर तक बने मिले, जबकि 20 अपूर्ण आवासों को पोर्टल पर पूर्ण दिखा दिया गया। सचिव ने हितग्राहियों से किश्तें लेकर राशि हड़प ली और अधिकांश आवास अधूरे छोड़ दिए। इसके अलावा मनरेगा मद से 19.88 लाख रुपये की मजदूरी राशि भी फर्जी खातों में भुगतान कर खुद ले ली गई।
जिला पंचायत सीईओ मोगराज मीणा के आदेश पर जांच टीम गठित की गई, जिसने भ्रष्टाचार की पुष्टि की। वर्तमान सचिव व रोजगार सहायक ने भी पूर्व सचिव के खिलाफ बयान दिए। सीईओ ने 24 सितंबर 2025 को बामौरकलां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 7 अक्टूबर को सचिव जीवन सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका बेटा और सहआरोपी रवि प्रताप यादव अभी फरार है।
पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। 50 आदिवासी बोले-मजदूरी राशि दूसरों के खातों में डाली 21 आदिवासी हितग्राहियों ने कहा कि सचिव जीवनसिंह व उसके बेटे रवि प्रताप ने आवास बनाने का ठेका लिया। राशि पूरी लेकर आवास अधूरे छोड़ दिए। 29 आदिवासी हितग्राहियों ने संयुक्त पंचनामा में पंचायत सचिव जीवन सिंह पर आवासों का ठेका लेने के बयान दिए। सचिव ने आवासों की पूरी राशि ले ली थी। फिर भी काम पूरा नहीं कराया। मजदूरी की राशि भी हितग्राहियों की बजाय दूसरे जॉब कार्डधारियों के खाते में 19.88 लाख रु. डालकर हेराफेरी कर दी।







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