शिवपुरी: खनियांधाना में मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन धुबिया तालाब पर इस साल घोर अव्यवस्था, अंधेरे और सुरक्षा चूक के बीच हुआ। इस दौरान नगर परिषद खनियांधाना और स्थानीय पुलिस प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल गई, जिसके कारण विसर्जन के लिए पहुंचे नागरिकों में गहरा रोष देखने को मिला।
श्रद्धालुओं ने बताया कि विसर्जन स्थल पर न तो उचित पुलिस व्यवस्था थी, न ही बैरिकेड्स मौजूद थे, और न ही पर्याप्त लाईट की व्यवस्था की गई थी। अंधेरे, सुरक्षा घेरा और गोताखोरों की टीम नदारद होने के कारण दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहा। मौके पर केवल नगर परिषद के कुछ कर्मचारी ही मौजूद थे, जो स्थिति को नियंत्रित करने में असमर्थ थे।
लापरवाही पर सवाल तो CMO ने गिने ‘आठ लाईटें’, झाड़ा पल्ला
प्रशासन की इस घोर लापरवाही पर जब मीडिया ने नगर परिषद सीएमओ आशुतोष त्रिपाठी से लाइट व्यवस्था को लेकर सवाल किया, तो उनका रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना दिखा। सीएमओ त्रिपाठी मौके पर लगी लाइटों की गिनती करते हुए नजर आए और कैमरे के सामने पल्ला झाड़ते हुए बोले, “आठ लाइट लगे हुए हैं, देखिए आप अपना कैमरा घुमाएं और देखें, आठ लाइट लगी हुई है।”
यह बयान स्पष्ट दिखाता है कि सीएमओ ने विसर्जन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थल पर पर्याप्त रोशनी की गुणवत्ता या आवश्यकता को दरकिनार कर दिया और केवल गिनती बताकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया।
लोगों के भारी विरोध और मीडिया कवरेज के बाद, प्रशासन आनन-फानन में हरकत में आया। सीएमओ त्रिपाठी ने तुरंत बैरिकेड्स भिजवाए और पुलिस प्रशासन भी चुस्त होकर मौके पर पहुंचा।
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन केवल मीडिया के दबाव में जागा। त्योहार जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में सुरक्षा, लाईट, और गोताखोरों की व्यवस्था न होना नगर परिषद और पुलिस विभाग की अक्षमता और जनता के प्रति उनकी लापरवाही को दर्शाता है। नागरिकों ने इस गंभीर चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।







Be First to Comment