प्रशासन के निर्देश पर कम ध्वनि में बजे डीजे, जनता ने सराहा
शिवपुरी: करैरा में माता रानी के विसर्जन का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए, जिसने इस धार्मिक आयोजन को और भी सुव्यवस्थित बनाया। महुअर नदी में विसर्जन में प्रशासन ने जेसीबी से सफाई करवाकर विसर्जन की अलग व्यवस्था कराई थी , जहां पहली बार क्रेन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इस नई व्यवस्था ने मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। प्रशासन के निर्देश पर डीजे की ध्वनि को नियंत्रित रखा गया ताकि धार्मिक माहौल में कोई व्यवधान न आए। करैरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़, थाना प्रभारी विनोद छावई, सीएमओ गोपाल गुप्ता, सुनारी चौकी प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर, राजस्व विभाग और नगर परिषद की टीम ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नदी में गोताखोरों की तैनाती की गई थी, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। लगभग दो दर्जन से अधिक माता की मूर्तियों का विसर्जन रात 12 बजे तक पूर्ण हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस आयोजन ने सामाजिक एकता और धार्मिक उत्साह को प्रदर्शित किया।
महुअर नदी के पुल पर सुरक्षा के लिए विशेष रूप से अस्थाई रेलिंग लगाई गई थी, जिसका उद्देश्य था कि लोग पुल पर चढ़कर हादसों का शिकार न हों। विसर्जन शोभायात्रा में चतुर्भुज सेवा समिति, पुलिस चौकी, बाल्मीकी समाज, ब्लॉक वाली गली, मंडी, कुरियाना मोहल्ला, कच्ची गली और सर्वोदय मोहल्ले की माता की मूर्तियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन मूर्तियों को भव्य सजावट और शोभायात्रा के साथ विसर्जन स्थल तक ले जाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने माता रानी की विदाई पूरे सम्मान और भक्ति के साथ की। स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस वर्ष प्रशासन की सक्रियता और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे एक यादगार आयोजन बताया। करैरा के इस विसर्जन उत्सव ने श्रद्धा, सुरक्षा और संगठन के अनूठे संगम को प्रदर्शित किया, जो भविष्य के आयोजनों के लिए एक मिसाल बन गया है। करैरा की जनता हर वर्ष इसी प्रकार की व्यवस्था चाहती है जिससे कोई भी परेशानी ना आए।








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