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एडवोकेट नमन इंदौरिया एवं एड. गुलशन राठौर की पैरवी से जावित्री जाटव सहित अन्य को मिली अग्रिम जमानत / Shivpuri News

शिवपुरी। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर में क्रिमिनल केस 41769/2025 जावित्री जाटव व अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य के केस में एडवोकेट नमन इंदौरिया एवं एड गुलशन राठौर की पैरवी से आवेदक जावित्री जाटव एवं अन्य का अग्रिम जमानत का आवेदन विद्वान लॉर्डशिप मिलिंद रमेश फड़के की बैंच ने स्वीकार् कर लिया है।
प्रोसीक्यूशन के अनुसार आवेदक क्रमांक 1 मृतिका की सास जावित्री जाटव और आवेदक क्रमांक 2 उसकी ननद है उन पर आरोप है कि उन्होंने दहेज़ की अवैध मांग को लेकर मृतिका को प्रताड़ित किया जिसके कारण उसने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली जो अपराध क्रमांक 340/2025 थाना मुरार जिला ग्वालियर धारा 85,80,03,(5) बीएन एस तथा दहेज़ निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अपराध में दर्ज की गई है।
इस मामले में आवेदकों के अधिवक्ता नमन इंदौरिया एवं अधिवक्ता गुलशन राठौर का कहना था कि आवेदकों को झूठा फंसाया गया है एफ आईआर में केवल सामान्य व सर्वसमावेशी आरोप है किसी विशेष कृत्य का उल्लेख नहीं है।
मृतिका पहले से ही हाईड्रो नेफरोसिस नामक किडनी रोग से ग्रसित थी उसकी बांई किडनी बड़ी हुई थी एवं उसमें 12.1 एम एम का बड़ा स्टोन सहित कई स्टोन थें जिसके कारण वे गंभीर पीड़ा में रहतीं थीं और संभव है इस वजह से उसने आत्महत्या का क़दम उठाया हों।
गिरफ्तारी से आवेदकों को सामाजिक कलंक और अपूरणीय क्षति होगी वें जांच और विचारण में सहयोग करने तैयार है। आवेदकों की दलीलें का राज्य के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया।
प्रकरण की परिस्थितियों व आरोपों प्रकृति को देखते हुए बिना मामले के गुण दोष पर टीप्पणी की है न्यायालय का मत है कि आवेदकों को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए है। जस्टिस माननीय श्री मिलिंद रमेश फड़के की बेंच ने एडवोकेट नमन इंदौरिया एवं एड गुलशन राठौर के द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत का आवेदन स्वीकार् किया माननीय न्यायालय ने निर्देशित किया कि गिरफ्तारी की स्थिति में आवेदकों को रूपए 50 हजार के निजी मुचलके तथा उतनी ही राशि के सक्षम जमानत दार पर रिहा किया जाए यें आदेश निम्न शर्तों के अधीन रहेगा।
1- आवेदक जांच में सहयोग करेंगे और जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर उपस्थित होंगे।
2- आवेदक के किसी भी गवाह को भयभीत,प्रलोभित या दबाव में नहीं लाएंगे
3- आवेदक जमानत अवधि में कोई अपराध नहीं करेंगे।
4- आवेदक बिना न्यायालय की अनुमति के भारत नहीं छोड़ेंगे।

हम आपकों बता दें कि एडवोकेट नमन इंदौरिया शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आलोक एम इंदौरिया के सुपुत्र हैं और एडवोकेट गुलशन राठौर समाजसेवी और तथागत के उपाध्यक्ष राजेन्द्र राठौर के सुपुत्र हैं।

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