सांसद सिंधिया ने दिए हैं भ्रष्टाचार की जांच और कार्रवाई के निर्देश
शिवपुरी। शहर में विकास की ‘थीम’ को ध्यान रखते हुए 18वीं बटालियन से कांकर तक अलग-अलग 19 प्रजातियों के पौधे रोपने के लिए एक करोड़ रुपये के प्लांटेशन की कार्ययोजना भी तैयार की गई, परंतु मिट्टी के तकनीकी परीक्षण को दरकिनार करने, प्लांटेशन की देखरेख में लापरवाही करने और भ्रष्टाचार के चलते कागजों में तो हजारों पौधे थीम रोड पर हुए प्लांटेशन के दौरान रोप दिए गए हैं, परंतु धरातल से प्लांटेशन गायब है। देखने, दिखाने के लिए जो प्लांट लगाए भी गए वह भी देखरेख के अभाव में सूख कर मृत प्राय हो चुके हैं। ठेकेदार ने कागजों में ही 40 लाख रुपये का प्लांटेशन करके उसका भुगतान भी ले लिया। नगर पालिका के जिम्मेदारों ने पूरा मामला फाइलों में दबा दिया था। अब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा इस ामामले में जांच कर तथ्यों के आधार पर ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देखना हाेगा कि इस पूरे मामले में नियमानुसार जांच होकर कार्रवाई हो पाती है या फिर पूरा मामला रफादफा कर दिया जाता है।
नियमानुसार न गड्ढे खोदे गए न डाला गया खाद
प्लांटेशन का ठेका भोपाल की कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया, जिसमें गड्ढे खोदने, मिट्टी खाद आदि मिलाने को लेकर भी शर्ते निर्धारित की गईं, परंतु एजेंसी निर्धारित शर्तों के अनुसार प्लांटेशन नहीं किया। इसे लेकर 6 अप्रैल 2022 को नपा द्वारा एजेंसी को नोटिस भी जारी किया गया कि आपके द्वारा निविदा शर्तों एवं अनुबंध अनुरूप नियमानुसार गड्ढे खुदाई नहीं किए जा रहे हैं तथा काली मिट्टा, खाद, स्लज आदि मिलाकर गड्ढों में नहीं भरी जा रही है, जिससे भविष्य में पौधों को वृद्धि करने में बाधा उत्पन्न होगी।
40 लाख रुपये में लगाए गए ये पेड़
-300 कैसुरीना पौधे-230457 रुपये
-100 फिकस नुडा टॉपलेरी-185120 रुपये
-250 फुटवाल पाम-185924 रुपये
-340 फीनिक्स रोएबेलेनिल पाम-130607 रुपये
-4000 फाउंटेन ग्रांस प्लांट -49760 रुपये
-400 परसिया एल्टिस ग्लिट-183700 रुपये
-440 बटल ब्रश रेड-96584 रुपये
-5520 निकोडेविया-603625 रुपये
-200 फिकस ब्लैक-72437 रुपये
-50 पेंसिल पाइन-20121 रुपये
-202 खजूर-1182427 रुपये
मृत पौधों को बदलने की अनुशंसा
थीम रोड पर डिवाईडर में प्लांटेशन के लिए एक समिति का भी गठन किया गया जिसमें पीआईसी सदस्य सरोज धाकड़, नीलम बघेल, अमरदीप शर्मा, नपा के स्वास्थ्य अधिकारी अब्दुल अकबर कुर्रेशी, यशपाल जाटव, कार्यपालन यंत्री मनोहरलाल बागड़ी, सहायक यंत्री सतीश निगम, उपयंत्री हितेश श्रीवास्तव शामिल थे, परंतु उक्त कमेटी ने भी मृत पौधों को बदलने और उनमें खाद आदि डालकर देखभाल की अनुशंसा की, परंतु इसके बाद भी सब कुछ जस का तस चलता रहा। ठेकेदार द्वारा एक भी मृत पौधा नहीं बदला गया।
इनका कहना है
इस मामले में शुरूआत में कुछ कार्रवाईयां हुई थीं, यह पूरा मामला अंडर प्रोसेस है। फिलहाल सीएमओ खुद मेडिकल अवकाश पर हैं। उनके वापस आते ही मामले की दोबारा तेजी से जांच शुरू की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य आएंगे उनके आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रवीन्द्र कुमार चौधरी
कलेक्टर शिवपुरी







Be First to Comment