शिवपुरी: 31 जुलाई 2025 को बहुचर्चित जूता काण्ड में आरोपीगण छोटू रावत एवं कुलदीप रावत निवासी बैराड के जमानत पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुये जमानत देने से इंकार कर दिया। माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में यह माना है कि आरोपीगण के द्वारा सार्थक गुप्ता के सिर पर जूता रखकर नगर में घुमाया जो कि मानवता को शर्मसार करते हुए व्यक्ति के मानव अधिकार को हनन किया। माननीय न्यायालय ने यह भी विचार किया कि अभियुक्तगण के द्वारा किया गया कृत्य समाज में भय और अराजकता का वातावरण उत्पन्न करने वाला है विधित है कि आरोपीगण आपराधिक प्रवृत्ति के है इन पर पूर्व में भी कई अपराध पंजीवृद्ध है।
आरोपीगण की जमानत के आवेदन पर सुनवाई के दौरान न केवल शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी विशाल कावरा एवं अनुसंधान अधिकारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शिवहरे उपस्थित हुए बल्कि अधिवक्ता संघ पोहरी की ओर से भी अधिकांश अधिवक्ताओं ने उक्त कृत्य के संबंध में घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए जमानत के विरोध में लिखित में आवेदन प्रस्तुत किया ।
अधिवक्ता संघ पोहरी की ओर से विशेष रूप से एडवोकेट भूपेंद्र जैमिनी एडवोकेट संतोष मित्रा, एडवोकेट अंसारी, एडवोकेट विजय यादव, एडवोकेट सुशील चौधरी, एडवोकेट राजेश झा, एडवोकेट राजेंद्र गुप्ता, एडवोकेट अवरार अहमद एवं अन्य उपस्थित हुये यहां तक की पीडित पक्ष की ओर से भी सार्थक गुप्ता व उसके पिता मनीष गुप्ता ने भी माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर घटना के संबंध में न्यायालय का ध्यान आकर्षित कराया। न्यायालय ने तर्कों को सुनने के पश्चात अभियुक्तगण को जमानत देने से इंकार करते हुए जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।







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