शिवपुरी: एक जघन्य और सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में करैरा की माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने नौ अभियुक्तों—आदर्श बुंदेला, राजदीप परमार, राजपाल बुंदेला, पुष्पेंद्र बुंदेला, बहादुर सिंह ठाकुर, कैहर सिंह ठाकुर, रामराजा परमार, प्यारेलाल परमार और युवराज परमार—को हत्या, हत्या का प्रयास, गाली-गलौज, आपराधिक धमकी और दंगा करने जैसे गंभीर अपराधों के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 9,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार भदौरिया की प्रभावी पैरवी और ठोस तर्कों ने इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना 13 अगस्त 2021 की है, जब फतेहपुर गांव, थाना करैरा में ट्रांसफार्मर पर तार डालने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अभियोजन के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे महेश और बलवीर का अभियुक्त बहादुर सिंह ठाकुर से विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते शाम को करीब 7-8 बजे सभी नौ अभियुक्त, हथियारों—कुल्हाड़ी, सरिया, लाठी और पत्थर—से लैस होकर पीड़ित जगत सिंह के घर के सामने पहुंचे। अभियुक्तों ने गालियां देते हुए धमकी दी कि वे ही ट्रांसफार्मर से बिजली लेंगे। जब जगत सिंह ने इसका विरोध किया, तो आदर्श बुंदेला ने जानलेवा इरादे से उनके सिर पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बेहोश होकर गिर पड़े। जगत सिंह के भाई ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन प्यारेलाल परमार ने सरिया से उनके सिर पर प्रहार किया, जिससे वह भी घायल हो गया। इसके बाद सभी अभियुक्तों ने पीड़ितों पर लाठियों, कुल्हाड़ियों और पत्थरों से हमला किया। उपचार के दौरान जगत सिंह की मृत्यु हो गई।
पुलिस ने मौखिक शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और गहन जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार भदौरिया ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मजबूती से प्रस्तुत किया, जिससे अभियुक्तों की अपराध में संलिप्तता साबित हुई। न्यायालय ने उनके तर्कों से सहमति जताते हुए सभी दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।







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