करैरा: प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश करैरा ने एक जघन्य और सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में अभियुक्त रेखा राजपूत (29 वर्ष), अजय राजपूत (28 वर्ष) और कल्ला उर्फ मोहन सिंह राजपूत (24 वर्ष), निवासी ग्राम बम्हारी, थाना दिनारा, को रामकिशोर राजपूत की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीनों अभियुक्तों पर 5000-5000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। यह मामला अपने क्रूर और सुनियोजित स्वरूप के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना 29 मार्च 2023 की शाम करीब 7:00 बजे की है, जब रामकिशोर (मृतक) अपनी ससुराल ग्राम बम्हारी, थाना दिनारा आए थे। वह उत्तर प्रदेश के बबीना थाना क्षेत्र के ग्राम बुडपुरा के निवासी थे। उस रात गांव में ललनजू मास्टर के यहां भजन कार्यक्रम का आयोजन था। फरियादी महेश लोधी, उनके भाई-बहन और अन्य परिजन रामकिशोर से मिलने के बाद भजन कार्यक्रम में शामिल होने चले गए। रेखा भी उनके साथ थी, जबकि रामकिशोर घर पर अकेले रह गए। भजन कार्यक्रम के दौरान रेखा ने महेश को बताया कि कोई उन्हें घेर रहा है। इस सूचना पर महेश अपने भाई-बहनों के साथ रेखा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने रामकिशोर को आंगन में टपरिया के पास खून से लथपथ पड़ा पाया। उनके गले में गहरा घाव, दाहिनी आंख के पास और पीठ पर चोटें थीं, दांत टूटे थे, और पास में उनकी मोटरसाइकिल पड़ी थी। यह दृश्य देखकर परिजन स्तब्ध रह गए।
थाना दिनारा में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध क्रमांक 71/23, धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाए, जिनके आधार पर रेखा, अजय राजपूत और कल्ला उर्फ मोहन सिंह को आरोपी बनाया गया। अभियोग पत्र माननीय न्यायालय करैरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजन अधिकारी सुनील कुमार भदोरिया ने ठोस तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत किए। उनके तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।







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