Press "Enter" to skip to content

टैंकर चोर कांग्रेसी ठेकेदार अर्पित शर्मा का नगरपालिका में नया कारनामा: शिवपुरी की नगरपालिका का असली चोर सिर्फ एक काग्रेसी ठेकेदार अर्पित शर्मा / Shivpuri News

सिर्फ एक फ़ाइल मे 16 लाख का भ्रष्टाचार तो अगर और फ़ाइल खुली तो क्या होगा

सूत्रों की माने तो 2018 से लेकर आज दिनांक तक  ठेकेदार अर्पित शर्मा के द्वारा जितने भी कार्य या ठेके लिए गए हैं उन फाइलों की अगर गंभीरता से जांच हो जाए तो असली घोटाला सामने आएगा

नगर पालिका में कोरोना काल में बनाई गई जालियां और बैरिकेडिंग कहां है और कितने की बनाई गई थी यह एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है?

शिवपुरी मे नगरपालिका की एक बड़ी बात सामने आई है आखिर ज़ब भी घोटालो की बात करें और फर्म शिवम् कंस्ट्रक्शन और ठेकेदार अर्पित शर्मा का नाम ना आये तो ऐसा तो हो ही नहीं सकता है।

शिवपुरी मे पहले भी टैंकर चोरी नगर पालिका की बैरिकेडिंग और जाली चोरी तमाम सीसी रोड में भ्रष्टाचार जैसे कई मामले शिवम कंस्ट्रक्शन और अर्पित शर्मा पर लग चुकी है लेकिन शिवपुरी नगर पालिका की असली स्थिति बिगड़ी तभी से है जब से इस ठेकेदार ने नगर पालिका को तहस-नहस करके लूट खाया। अभी ताज़ा मामला ये है कि नपा के इंजीनियरों पर दवाव बनाकर से गलत पैमाइश कराकर कोंग्रेसी ठेकेदार अर्पित शर्मा ने भुगतान करवाया।

शिवपुरी नगर पालिका में वार्ड क्रमांक 1 से 39 तक विभिन्न स्थानों पर कत्तल, मुरम डब्लू एम एम डलवाये जाने संबंधी नस्ती अन्तर्गत संपादित कराये कार्य एवं भुगतान की शिकायत पर से कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा एसडीएम अनुपम शर्मा से जांच कराई जा रही है। उक्त जांच के क्रम में एसडीएम ने ना सिर्फ दस्तावेजों का परीक्षण किया बल्कि मौके पर पहुंचकर स्थल परीक्षण भी किया गया। प्रकरण के भौतिक सत्यापन के दौरान प्रशासनिक जांच में यह तथ्य उजागर हुए हैं कि सहायक यंत्री सतीश निगम, उपयंत्री जितेंद्र परिहार द्वारा कूटरचित सत्यापन के आधार पर अनियमितता पूर्ण भुगतान, शिवम कंस्ट्रक्शन के कर्ताधर्ता अर्पित शर्मा को करवाए हैं। उक्त दोनों इंजीनियरों ने गलत पैमाइश कर ठेकेदार को 16 लाख रुपये का अतिरिक्ति भुगतान करवाया गया है।

हालांकि इस अतिरक्ति भुगतान को लेकर ठेकेदार अर्पित शर्मा का पक्ष है कि उन्होंने पूरा काम किया है। इसका मूल्यांकन नगर पालिका के इंजीनियरों ने स्वयं किया है। यहां तक कि सीएमओ इशांक धाकड़ ने भी सभी साइड का स्वयं भी निरीक्षण किया गया है। चूंकि यह काम अस्थाई प्रवृति का है, ऐसे में कार्य हो जाने के कई महीनों बाद अगर सत्यापन किया जाएगा तो वह जस की तस नहीं रह सकता। वहीं सीएमओ इशांक धाकड़ का कहना है कि मैंने कुछ स्थलों जैसे पीएस के पास, नमो नगर, हनुमान कालोनी आदि जगहों का भौतिक अवलोकन जरूर किया था, परंतु वहां कितना सामान उपयोग किया गया है, उसकी लंबाई-चौंडाई कितनी है यह मैं नहीं बता सकता। यह सब कुछ इंजीनियरों द्वारा किया गया, क्योंकि तकनीकी काम उनके द्वारा किया गया। मैंने जो भुगतान किए, वह उन्हीं की रिपोर्ट पर किए। 16 लाख अतिरिक्ति भुगतान होने का आंकलन भी इंजीनियरों की टीम ने ही किया है न कि मैंने। इस पूरे मामले में जब सहायक यंत्री सतीश निगम को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन अटैंड नहीं किया।

सीएमओ इशांक धाकड़ द्वारा सहायक यंत्री सतीश निगम व उपयंत्री जितेंद्र परिहार को 21 जुलाई 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था कि, कार्य की माप पुस्तिका में आपके द्वारा तैयार किये गये एवं सत्यापित माप व बिल एवं उल्लेख किये गये कार्य स्थलों का भौतिक परीक्षण किया गया प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि वार्ड क्रमांक 07 में हनुमान कालोनी, वार्ड क्रमांक 39 में दर्पण कालोनी, वार्ड क्रमांक 31 में पटेल पार्क के पीछे एवं वार्ड क्रमांक 17 में लुधावली में कत्तल, मुरम डब्लूएमएम इत्यादि मटेरियल माप पुस्तिका में आपके द्वारा सत्यापित एवं दर्शाये गये। मटेरियल की मात्रा रोड की लम्बाई व चौडाई में अत्याधिक अन्तर प्रतीत हुआ है। उल्लेखित स्थानों के रहवासियों द्वारा भी कथन दिया गया कि कार्य नही हुआ है। आपके द्वारा उपरोक्तानुसार कूटरचित माप पुस्तिका तैयार की गई एवं भुगतान की अनुशंसा कर कार्य से कही अधिक भुगतान संपादित कराया है। इंजीनियरों द्वारा अब तक इसका जबाव नहीं दिया गया है। सीएमओ का कहना है कि वह इस प्रकरण में इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर करवाने के लिए शिकायत दर्ज करवा रहे हैं।


जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार ठेकेदार अर्पित शर्मा ने विभिन्न वार्डों में लगभग 1 लाख 83 हजर 692 रूपये का जीएसबी मटेरियल डाला गया एवं लगभग 7 लाख 99 हजार 747 रुपये के डब्ल्यूएमएम व डस्ट जीरा मटेरियल के विरूद्ध क्रमशः 5 लाख 14 हजार 186 रूपये एवं 18 लाख 99 हजार रूपये का भुगतान संबंधित उपयंत्री एवं सहायक यंत्री से मिली भगत कर कूटरचित माप पुस्तिका के आधार पर प्राप्त किया गया। इस तरह से नगर पालिका को लगभग 16 लाख 13 हजार 906 रूपये (कर अतिरिक्त) की वित्तीय क्षति पहुंचाई गई है।


आखिर भाजपा के शासन में किस नेता का खुला संरक्षण कोंग्रेसी ठेकेदार अर्पित शर्मा को…..?

आखिर जिस कांग्रेसी ठेकेदार ने लोकसभा और विधानसभा मे किया भाजपा का जमकर विरोध, उसका संरक्षक कौन……?

आखिर कोंग्रेसी ठेकेदार अर्पित शर्मा के फार्म हाउस पर नगरपालिका के जाली के प्रकरण कोतवाली मे पेंडिंग क्यों…?

अब देखने वाली बात तो ये होंगी कि कोंग्रेसी ठेकेदार अर्पित शर्मा पर कार्यवाही होगी या फिर संरक्षण जारी रहेगा……?

ऐसी ही रोचक खबरें देखने के लिए देखते रहिये fastsamachar.com

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!