शिवपुरी: जिले के सिकंदरा परिवहन चेकपोस्ट पर ट्रक चालकों के लिए हालात बद से बदतर हो गए हैं। चेकपोस्ट प्रभारी अशोक शर्मा ने इस स्थान को नियमों की आड़ में डकैती का केंद्र बना लिया है। यहाँ दिन-रात अवैध वसूली का गोरखधंधा चल रहा है, जिसमें अशोक शर्मा के साथ उनके द्वारा नियुक्त दो दर्जन से ज्यादा निजी गुर्गे शामिल हैं। ये लोग ट्रक चालकों से बिना किसी वैध रसीद या दस्तावेज के 500 से 2,000 रुपये प्रति ट्रक वसूल रहे हैं। इस लूट ने हाइवे को जाम की गिरफ्त में ले लिया है, जहाँ 2 किलोमीटर तक लंबा जाम अब आम बात हो गई है। यह जाम न केवल चालकों, बल्कि यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए भी भारी मुसीबत का कारण बन रहा है, जिससे हाइवे पर हमेशा अव्यवस्था बनी रहती है।
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने भ्रष्टाचार और बदनामी के कारण पहले परिवहन चेकपोस्टों को बंद करने की घोषणा की थी। इस निर्णय से ट्रक चालकों को राहत की उम्मीद जगी थी, क्योंकि चेकपोस्टों पर होने वाली अवैध उगाही से वे पहले ही परेशान थे। लेकिन सिकंदरा चेकपोस्ट ने सरकार के आदेशों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। अशोक शर्मा और उनके गुर्गों की बेलगाम हरकतों ने स्थिति को और भयावह कर दिया है। चालक बताते हैं कि यह अवैध वसूली उनकी मेहनत की कमाई छीन रही है। कई चालकों ने खुलासा किया कि विरोध करने पर उन्हें मारपीट की धमकी दी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक शर्मा के गुर्गे बिना किसी डर के हाइवे पर आतंक मचाए हुए हैं। यह चेकपोस्ट अब नियमों को लागू करने का केंद्र नहीं, बल्कि लूट का गढ़ बन चुका है।
ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों में इस लूटतंत्र के खिलाफ गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि सिकंदरा चेकपोस्ट पर हो रही यह उगाही न केवल परिवहन व्यवसाय को चौपट कर रही है, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार की साख को भी बट्टा लगा रही है। चालकों का आरोप है कि सरकार के चेकपोस्ट बंद करने के फैसले के बावजूद सिकंदरा में यह लूट जारी रहना जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की विफलता को दर्शाता है। कुछ चालकों ने बताया कि इस अवैध वसूली के कारण वे अपनी आजीविका चलाने में असमर्थ हो रहे हैं, क्योंकि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा इन गुर्गों की जेब में जा रहा है। यह स्थिति परिवहन उद्योग के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
यह शर्मनाक है कि एक सरकारी चेकपोस्ट लुटेरों का अड्डा बन गया है। अशोक शर्मा की मनमानी ने परिवहन विभाग की विश्वसनीयता को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। स्थानीय लोग और चालक इस अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं और जिला प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार को इस लूट के गहन जाँच के आदेश देने चाहिए और अशोक शर्मा व उनके गुर्गों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि इस भ्रष्टाचार को नहीं रोका गया, तो यह न केवल शिवपुरी, बल्कि पूरे प्रदेश की छवि को धूमिल करेगा। सरकार की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। सवाल यह है कि आखिर कब तक ट्रक चालक इस लूट को सहन करेंगे? जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को इस उगाही के खिलाफ तत्काल कदम उठाने चाहिए। अशोक शर्मा और उनके गुर्गों को सजा देकर चालकों को राहत प्रदान की जानी चाहिए। साथ ही, ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना जरूरी है।







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