शिवपुरी: केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के विशेष प्रयासों से शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व की ऐतिहासिक चांदपाठा झील का प्राकृतिक सौंदर्य एक बार फिर लौट आया है। करीब 3.9 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली यह झील वर्ष 2022 में ‘रामसर साइट’ के रूप में चिन्हित की गई थी, परंतु उसके बाद इसमें जलकुंभी का अतिक्रमण शुरू हो गया था। इससे न केवल झील की का अस्तित्व बल्कि प्राकृतिक जीव जंतुओं के जीवन पर भी संकट मंडराने लगा था।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने झील की बिगड़ती स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं। नवंबर 2024 में उन्होंने अपनी सांसद निधि से ₹1.20 करोड़ की लागत से जलकुंभी उन्मूलन के लिए अत्याधुनिक फ्लोटिंग वीड कलेक्टर बोट उपलब्ध कराई और उसका विधिवत उद्घाटन भी किया। इसके अतिरिक्त, वन विभाग द्वारा भी एक और मशीन लगाई गई। इन दोनों मशीनों की मदद से चांदपाठा झील की व्यापक सफाई और संरक्षण का कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ। आज झील का जल फिर से स्वच्छ और पारदर्शी दिखाई देने लगा है।
सफाई और संवर्धन के बाद चांदपाठा झील अब फिर से पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों की पसंदीदा जगह बन गई है। जलकुंभी हटने से झील का साफ पानी, हरियाली और वन्यजीवों की वापसी ने इसके प्राकृतिक सौंदर्य को नया जीवन दिया है। जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा।








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