शिवपुरी: जिले की जनपद पंचायत करैरा की ग्राम पंचायत बहादुरपुर के ग्राम खोहा में सरकारी योजनाओं में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सरपंच संजय यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के तहत हो रहे घोटाले की शिकायत की है। उनका आरोप है कि सांठगांठ कर अपात्र हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया गया। इसके साथ ही पंचायत में मनरेगा कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
फर्जीवाड़े से अपात्र को मिला आवास, तीन किस्तें जारी
सरपंच संजय यादव ने बताया कि मुकेश यादव पुत्र प्रेमनारायण यादव ने फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए खुद को पात्र दिखाकर आवास योजना का लाभ उठाया। योजना के तहत ₹1,05,000 की राशि की तीन किश्तें मुकेश के खाते में जारी कर दी गईं। जबकि मुकेश यादव के पास पहले से ही पक्का मकान, 10 एकड़ कृषि भूमि, चार पहिया ट्रैक्टर, और मोटरसाइकिल जैसी संपत्तियां मौजूद हैं, जो उन्हें योजना के लिए अपात्र बनाती हैं।
सरपंच ने यह भी कहा कि उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव और जनपद पंचायत कर्मचारियों को पहले ही सूचित किया था कि मुकेश यादव योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई न करते हुए उन्हें योजना का लाभ दे दिया गया। सरपंच ने फर्जी तरीके से स्वीकृत इस आवास योजना के तहत जारी राशि की रिकवरी और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मनरेगा में भारी लापरवाही, मजदूरी शून्य
ग्राम पंचायत बहादुरपुर में मनरेगा योजना के तहत विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। सरपंच ने आरोप लगाया कि मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा और योजना के तहत कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया गया है। पंचायत सचिव पर लापरवाही और कार्यों को गंभीरता से न लेने का भी आरोप है।
सरपंच संजय यादव ने ब्लॉक कोर्डिनेटर शेखर शर्मा पर भी लगाये भ्रष्टाचार के आरोप
गाँव के सरपंच संजय यादव ने स्वच्छ भारत के कोर्डिनेटर शेखर शर्मा पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाये एवं कहा कि जिन लोगो को पात्रता की सूची में रखा जाना चाहिये एवं उनके पास भ्रष्टाचार के पैसे देने के लिये नही है लेकिन जिस अपात्र को सूची में नाम दिया है उससे मोटी रकम शेखर शर्मा ब्लॉक कोर्डिनेटर ने ली है
मनरेगा कार्य ठप होने से ग्रामीणों में आक्रोश , ग्रामीणों को नही मिल रही मजदूरी
इस अनियमितता और घोटाले से बहादुरपुर खोहा के ग्राम में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि योजनाओं का लाभ अपात्र लोगों को मिल रहा है और वास्तविक लाभार्थी वंचित हैं। मनरेगा जैसी योजनाओं में कार्य बंद होने से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
सरपंच की मांग: उच्चस्तरीय जांच हो
सरपंच संजय यादव ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से निवेदन किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा घोटाले की तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने पंचायत सचिव और अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे और पंचायत के विकास कार्य सुचारू रूप से हो सकें।
इनका क्या कहना है
(1) जिस व्यक्ति को कुटीर मंजूर हुई है वह अपात्र है जिसकी मेरे द्वारा शिकायत तक कि जा चुकी है लेकिन सरपंच के लिखित शिकायत के बाद भी कुटीर मंजूर होना , कही न कही सरपंच के पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने के समान है । पंचायत में मनरेगा कार्य ठप पड़े हुए है सचिव कोई भी बात नही सुनता उसकी मनमानी चरम पर है ।
संजय यादव सरपंच बहादुरपुर खोहा
(2) मुकेश यादव की कुटीर का मामला है वह 4 भाई है सबके अलग अलग मकान बने हुए है मुकेश टीव्ही का मरीज है एवं उसका घर कच्चा है इस कारण मंजूरी मिली है कुटीर की । जो सरपंच पक्के मकान की फोटो बता रहे है वह उसके भाई का घर है , मुकेश पात्र है उसके पास न कोई टैक्टर है और न कोई पक्का मकान एवं मनरेगा में सरपंच काम कराए तो पैसा निकलेगा जब काम नही कराएंगे तो कैसे पैसा निकलेगा
अवदेश यादव रोजगार सहायक एवं प्रभारी सचिव बहादुरपुर खोहा
(3) जो आरोप सरपंच लगा रहे है वे वेबुनियाद है जो भी कुटीर की मंजूरी मिलती है उसका सर्वेक्षण गाँव मे होता है जब गांव में सर्वे पूर्ण होता है वही पात्र एवं अपात्र की पुष्टि होती है ।
शेखर शर्मा ब्लॉक कोर्डिनेटर स्वच्छ भारत अभियान जनपद करैरा
(4) आवेदन सरपंच का आया है जिसकी जांच उपरांत जो भी दोषी होगा उचित कार्यवाही की जायेगी
ब्रह्मेंद्र गुप्ता जनपद पंचायत सीईओ करैरा
ग्राम पंचायत बहादुरपुर खोहा में सरपंच ने लगाए पंचायत सचिव पर मनामनी के आरोप / Shivpuri News




