थनरा के सरपँच पति छोटू केवट के हिटलर शाही रवैया से ग्रामीणों में आक्रोश
करैरा। जनपद पंचायत करैरा की ग्राम पंचायत थनरा में सरपंच पति छोटू केवट के अवैध कब्जे और भ्रष्टाचार से ग्रामीणों में आक्रोश है। सरपंच पति पर पंचायत के शासकीय तालाब पर अवैध मछली पालन करने और किसानों के सिंचाई के अधिकारों को खत्म करने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने करैरा एसडीएम अजय शर्मा और जनपद सीईओ ब्रह्मेंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय तालाब, जो राजस्व रिकॉर्ड में सिंचाई के लिए दर्ज है, पर सरपंच पति ने कब्जा कर ओवरफ्लो का रास्ता मिट्टी और पत्थरों से बंद कर दिया है। इससे 300 बीघा कृषि भूमि सिंचाई के पानी से वंचित हो गई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तालाब को लीज पर लेने के बावजूद लीज की राशि जमा नहीं की गई, फिर भी अवैध मछली पालन किया जा रहा है।
जब किसानों ने तालाब का पानी खोलने की मांग की, तो सरपंच पति ने हेमंत शर्मा नामक किसान पर झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी। हेमंत शर्मा ने ग्रामीणों के पक्ष में तालाब के पानी को किसानों के लिए खोलने की मांग की थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब से अवैध कब्जा तुरंत हटाया जाए, ओवरफ्लो का रास्ता खोला जाए ताकि किसान सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर सकें, और हेमंत शर्मा पर दर्ज झूठी एफआईआर वापस ली जाए। ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय तालाब किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है और इसे किसानों के हित में खोला जाना चाहिए।
जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एसडीएम अजय शर्मा ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पर सरपंच पति के कब्जे ने उनकी खेती और आजीविका को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है ताकि किसानों का अधिकार बहाल हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।







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