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नाप-तौल विभाग ने 6 माह में 86 संस्थानों पर बनाए प्रकरण, 30 लाख की वसूली / Shivpuri News

शिवपुरी: नाप-तौल (विधिक माप विज्ञान) विभाग शिवपुरी द्वारा जिला प्रशासन एवं वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशन में चलाये गये जांच अभियान के दौरान शिवपुरी जिले में विभिन्न संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अनियमितता पाये जाने पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही कर माह अप्रैल 2024 से सितम्बर 2024 तक 6 माह में 86 संस्थानों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।  
नापतौल निरीक्षक ने बताया कि 86 संस्थानों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर 56 संस्थानों के प्रकरणों का निराकरण कर विभागीय राजीनामा शुल्क 11 लाख 19 हजार 600 रुपये राजस्व वसूला गया, शेष 30 प्रकरणों में विभागीय कार्यवाही जारी है तथा अभियोजन एवं सत्यापन कार्य से कुल 28 लाख 99 हजार 847 रूपये मात्र राजस्व प्राप्त किया गया जो कि गत वर्ष की तुलना में प्राप्त किये गये राजस्व की तुलना में 8 लाख 14 हजार 132 रुपये अधिक है।
हाल ही में विभाग द्वारा अंतर्राज्यीय एवं स्थानीय कंपनियों जिनमें दिव्यशक्ति सीड्स प्राइवेट लिमिटेड गुजरात से 1 लाख 30 हजार रुपये, मोडेस्टो क्रोप प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड हरियाणा से 80 हजार रुपये, भारत क्रॉप साइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान से 1 लाख 15 हजार रुपये, देवकिशनजी वक्ताजी एण्ड संस गुजरात से 1 लाख 5 हजार रुपये, टी. आर एण्ड संस गुजरात से 85 हजार रुपये, फार्मिस्ट एग्रो केम राजकोट कंपनी से 85 हजार रुपये, कार्तिक बायो सीड्स गुजरात से 45 हजार रुपये, एस.जी. ग्रुप एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड राजस्थान से 85 हजार रुपये, ग्रो एग्रो बायोटेक उ.प्र. से 30 हजार रूपये, प्रभुगोपाल एग्री प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड इंदौर से 30 हजार रूपये, पंकज पोहा उद्योग छत्तीसगढ़ से 30 हजार रूपये, रेड रोज मार्केटिंग लिमिटेड मुरैना से 22 हजार रूपये, चहल सीड्स प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर से 17 हजार रूपये राजीनामा शुल्क वसूला गया।
नाप-तौल निरीक्षक आर.के.चतुर्वेदी ने जिले के सभी मिठाई विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे मिठाई के साथ डिब्बे का वजन शामिल कर तौल कर नहीं दें। साथ ही दुकान संस्थान के सूचना पटल पर यह निर्देशित करें कि यहां मिठाई की तौल में डिब्बे का वजन शामिल नहीं है, मिठाई विक्रय करते समय कोई सर्विस एवं पैकिंग चार्ज नहीं लिया जाता है, मिठाई की शुद्धता तौल एवं क्वालिटी के विषय में आश्वस्त होने पर ही मिठाई की कीमत अदा करें। निरीक्षण के दौरान निर्देशों का पालन नहीं किये जाने पर मिठाई विक्रेता के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

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