Press "Enter" to skip to content

चार सौ निजी स्कूल संचालकों की कार्यशाला, छात्र सुरक्षा, मैपिंग व प्रोफाइल अपडेशन पर रहा फोकस / Shivpuri News

सीईओ, जेडी सहित डीईओ-डीपीसी ने दिए निर्देश, विभिन्न बिंदुओं पर हुई चर्चा
शिवपुरी। नए शैक्षणिक सत्र का आगाज हो चुका है और सत्र के सुचारू संचालन को लेकर जिले के 400 से अधिक निजी स्कूलों के संचालकों और प्राचार्यों की एक दिवसीय कार्यशाला जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा सरस्वती विद्यापीठ में आयोजित की गई। इस बैठक में स्कूल संचालकों के साथ प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों ने स्कूलों के विधिवत संचालन व शासन के नियमों के पालन को लेकर बिंदुवार चर्चा की। कार्यशाला में मुख्य फोकस विद्यार्थियों की सुरक्षा, आरटीई एक्ट के पालन छात्रों की मैपिंग एवं प्रोफाइल अपडेशन पर रहा। कार्यशाला को सीईओ जिला पंचायत उमराव सिंह मरावी, संयुक्त संचालक शिक्षा ग्वालियर संभाग दीपक कुमार पाण्डेय सहित जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौड़ व डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने संबोधित किया। सीईओ मरावी ने कहा कि आरटीई एक्ट व मान्यता नियमों का सभी विद्यालय पूर्णत: पालन करें और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। कार्यशाला का संचालन एपीसी उमेश करारे ने किया जबकि डिजीटल स्क्रीन पर तकनीकी व संख्यात्मक जानकारी जिला प्रोग्रामर जुगराज प्रजापति ने दी। इनके अलावा कार्यशाला में प्रमुख रूप से एपीसी हरीश शर्मा, अतरसिंह राजौरिया,मुकेश पाठक सहित सभी विकासखण्डों के बीआरसीसी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

स्कूल वाहनों में सुरक्षा नियमों व गाइडलाइन का हो पालन: जेडी पाण्डेय
निजी स्कूलों के संचालकों को जेडी दीपक कुमार पाण्डेय ने निर्देश दिए कि बच्चों के परिवहन में उपयोग किए जाने वाले वाहनों में सुरक्षा मापदण्डों का पूर्णत: पालन हो, साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन का भी पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने हाल ही में भितरवार में स्कूल वैन में लगी आग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वाहन की फिटनेस पर विशेष ध्यान दें तथा वाहन चालक का पुुलिस वेरीफिकेशन   स्पीड गवर्नर, फस्टएड किट व अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हों। जेडी ने लंबित मैपिंग का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश भी स्कूल संचालकों को दिए।

स्कूल बैग पॉलिसी का हो पालन: डीपीसी
कार्यशाला में डीपीसी सिकरवार ने स्कूल बैग पॉलिसी के नियमों का पालन करने के निर्देश निजी स्कूल संचालकों को दिए। कक्षा 1 से 10 वी तक बस्ते की वजन सीमा निर्धारित की गई है। उसका उल्लंघन न हो। उन्होंने हिदायत दी कि समय-समय पर टीमें भी निरीक्षण करेंगी और यदि उस दौरान बच्चों के बैग का वजन पॉलिसी के विपरीत मिला तो कार्यवाही की जाएगी। डीईओ राठौड़ ने कहा कि मान्यता आवेदन में ऑनलाइन किए गए प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा ही शिक्षण कार्य कराया जाए व मान्यता आदेश में जिन शर्तों व नियमों का उल्लेख है उनका प्रत्येक स्कूल द्वारा पालन हो। इसके अलावा कार्यशाला में आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश, एक दुकान से पुस्तक क्रय करने की बाध्यता न किए जाने, गाइडलाइन मुताबिक फीस वृद्धि, 19 नवम्बर को होने वाली एनएएस परीक्षा की तैयारी करने जैसे बिंदुओं पर भी निर्देशित किया गया।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!