शिवपुरी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दिए गए एक बयान पर फंसे रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा शुक्रवार को जांच में शामिल नहीं हुए। जिला अस्पताल में मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने एंबुलेंस मांगी तो उन्होंने लाश को कंधा देने की बात कहते हुए संवेदनहीन बयान दिया था। इसकी शिकायत सुभाष कुशवाह, धर्मेंद्र सिंह, कुसुमलता झा और लोकेश नामदेव ने मानव अधिकार आयोग को दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है।
इसमें जिला क्षय अधिकारी डॉ आशीष व्यास, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ संजय ऋषीश्वर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ एनएस चौहान को शामिल किया गया है। रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ. शर्मा को कमेटी को अपना बयान दर्ज कराना था। डॉ संजय ऋषिश्वर ने बताया कि कमेटी के सामने डॉ. शर्मा को बयान दर्ज कराने थे, लेकिन वे नहीं आए।






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