शिवपुरी SDM किए गए रिलीव लेकिन खनिज अधिकारी पर मेहरबानी, ट्रांसफर के बाद भी नहीं हटाया

चुनाव आयोग की गाइड लाइन का नहीं किया गया पालन
आचार संहिता से पहले अंडर ट्रांसफर अफसरों को हटाना था जिले से
शिवपुरी। चुनाव आचार संहिता लगने के बाद भी जिले में ऐसे अफसरों पर मेहरबानी दिखाई गई है जो अंडर ट्रांसफर हैं। इसी क्रम में शिवपुरी के एसडीएम एलके पांडे को तो कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने शनिवार को आचार संहिता लगते ही उमरिया जिले के लिए रिलीव कर दिया लेकिन दूसरी ओर अंडर ट्रांसफर खनिज अधिकारी सोनल तोमर को कलेक्टर ने रिलीव नहीं किया है। खनिज अधिकारी सोनल तोमर का सात दिन पहले शिवपुरी से श्योपुर ट्रांसफर हो चुका है। शासन स्तर से आदेश आने के बाद भी खनिज अधिकारी सोनल तोमर को शिवपुरी से रिलीव नहीं किया गया। जबकि इनकी कई शिकायतें हैं। बताया जाता है कि चुनाव आयोग के पूर्व में साफ निर्देश हैं कि जो अफसर अंडर ट्रांसफर हैं जिन्हें जिले से जल्द से जल्द स्थानांतरित कर आचार संहिता से पहले रिलीव किया जाएगा लेकिन खनिज अधिकारी पर यह मेहरबानी क्यों दिखाई गई है यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। 

अवैध उत्खनन रोकने में नाकाम, शिकायतों के बाद हुआ ट्रांसफर*

जिले में अवैध उत्खनन रोक पाने में नाकाम रहने पर शासन स्तर से खनिज अधिकारी सोनल तोमर का गत दिनों श्योपुर स्थानांतरण कर दिया गया था। इसके बाद भी यहां से उन्हें नहीं हटाया जा रहा है। कुछ समय से तमाम आरोपों के घेरे में आई खनिज अधिकारी सोनल तोमर अपनी कार्यप्रणाली के चलते लगातार विवादों में है। जिले में अवैध खनन रोकने के लिए जो कार्रवाई खनिज विभाग को करना चाहिए वह पुलिस को करनी पड़ रही है। आए दिन पुलिस विभिन्न स्थानों से अवैध खनन कर्ताओं पर कार्रवाई करते हुए डंपर और पोकलेन मशीन जब्त कर रही है। इसके बाद भी खनिज अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

क्या कहती हैं खनिज अधिकारी

यह बात सही है कि मेरे ट्रांसफर हो चुका है लेकिन मुझे विधानसभा चुनाव में सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है इसलिए मुझे रिलीव नहीं किया गया है और इस बारे में ज्यादा जानकारी कलेक्टर मैडम दे सकती हैं। 
सोनल तोमर
खनिज अधिकारी, शिवपुरी