मंडी में हंगामा, सचिव पर किसानों ने लगाए असुनवाई के आरोप, पहुंचे SDM के पास

शिवपुरी। शिवपुरी कृषि उपज मंडी में लगातार किसानों की फसलों में औने पौने दामों में खरीद ने को लेकर लगातार विवाद होते रहते हैं इसी तरह आज मूंगफली की खरीदी को लेकर किसान और मंडी प्रशासन आमने सामने हो गए और बात जिला प्रशासन तक पहुंच गई। वहीं अपनी फसल बेचने आए जब मंडी में व्यापारियों मूंगफली के दामों को कम लगाए तो किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया कि हमारी मूंगफली के दाम 1200 से 1350 रूपए खरीदी जा रही हैं जबकि शिवपुरी से 20 कि.मी. दूर कोलारस में मूंगफली के दाम 2600 रूपए प्रति क्विंटल खरीदी जा रही हैं। इस किसान भड़क गए और एसडीएम कार्यालय पहुंच गए लेकिन एसडीएम ने भी किसानों को साफ शब्दों में कहा कि यदि आपकी फसल के दाम शिवपुरी में मंडी नहीं सही नहीं मिल रहे हैं तो आप स्वतंत्र हो कहीं भी अपनी फसल बेच सकते हैं। जाओ बदरवास कोलारस और बैराड़ में अपनी फसल बेच आयो इतने में किसान उग्र हो गए और उन्होंने कहा कि शिवपुरी मंडी में डाल दो ताला। 
मंडी में माल चोरी करते पकड़ा हम्माल
शिवपुरी कृषि उपज मंडी में आज गढ़ीबरौद के किसान रणवीर रावत अपनी सोयावीन की फसल विक्रय करने के लिए आए थे। तभी उनके माल की बोली विष्णु विनोद कुमार की फर्म ने बोली लगाकर माल खरीदा और उनके कांटे पर जब किसान अपनी फसल तुलाने लगा तब हम्माल ने किसान की आंखों धूल झोंकने का  काम करते हुए 6 बोरियों को घूमा दिया। जिस पर किसान की नजर पड़ गई और फिर क्या था किसानों ने हम्माल को पकड़ सीधा पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अपने गिरफ्त में लिए हम्माल का नाम राधेश्याम बताया गया हैं। लेकिन लगातार इस तरह के मामले शिवपुरी में देखने को मिल रहे हैं।  
मंडी सचिव की निगरानी में खुलेआम बाहर बिक रही हैं फसल
मंडी सचिव द्वारा मंडी में व्यापारियों पर अंकुश न होने के कारण किसानों को मजबूरी बस फसल को बाहर फट्टा लगाकर बैठे व्यापारियों को अपनी फसल को औने-पौने दामों में बेचने को विवश होना पड़ रहा हैं। इतना ही नहीं इंडस्ट्ीज ऐरिया में पूरा का पूरा माल अवैध रूप से एकत्रित किया जा रहा हैं। इसकी जानकारी भी मंडी सचिव को होने के बाद भी इन व्यापारियों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही हैं वहीं जब इस संबंध में मंडी सचिव से चर्चा की उनका कहना था कि मैं किसी को नहीं रोक सकता। जबकि यही व्यापारी मंडी में अपनी फर्मों को रजिस्टड् हैं लेकिन मंडी सचिव कहते मैं तो मंडी का चौकीदार हूं मैं किस-किस पर कार्यवाही करूं।