
तस्वीर 21 फरवरी 2023 की है। रूस की तरफ से जंग लड़ रहे सैनिकों के ठिकानों पर भी पुतिन के भाषण को स्क्रीन पर दिखाया गया था।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज देश के नाम संबोधन देंगे। फेडरल असेंबली में पुतिन की यह 19वीं एनुअल स्पीच मॉस्को के रेड स्क्वायर में गोस्टिनी ड्वोर में होगी। साथ ही चुनाव से पहले यह पुतिन का आखिरी आधिकारिक भाषण भी होगा। दरअसल, रूस में 15-17 मार्च तक राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं। हालांकि, इलेक्शन से पहले ही पुतिन का फिर से राष्ट्रपति बनना तय है।
पुतिन की स्पीच को देशभर के 20 शहरों के सिनेमाघरों में मुफ्त में दिखाया जाएगा। संबोधन के दौरान रूसी राष्ट्रपति देश के अंदरूनी मसलों के साथ अगले 6 साल के लिए सरकार का प्लान साझा कर सकते हैं। इसके अलावा वो रूस-यूक्रेन जंग और पश्चिमी देशों की तरफ से लगाई गई पाबंदियों पर भी बात कर सकते हैं।

तस्वीर पिछले साल की है, जब जंग को 1 साल पूरे होने से 3 दिन पहले पुतिन ने फेडरल असेंबली को संबोधित किया था।
पुतिन के संबोधन में शामिल होंगे एक हजार लोग
पुतिन के संबोधन में शामिल होने के लिए करीब 1000 लोगों को न्योता दिया गया है। इसमें रूसी सांसद, सरकार और अदालतों के अधिकारी, गवर्नर, कई डिप्लोमैट्स और पत्रकार शामिल हैं। इस वार्षिक संबोधन में आम तौर पर राष्ट्रपति सरकरा की तरफ से अलग-अलग क्षेत्रों में हुए काम का ब्योरा साझा करते हैं।
इसके अलावा वे आने वाले समय में घरेलू और विदेश नीति को लेकर सरकार की रूपरेखा तैयार करते हैं। पुतिन ने पिछले साल यूक्रेन जंग को 1 साल पूरा होने से 3 दिन पहले यह संबोधन दिया था। इसी स्पीच में पुतिन ने अमेरिका-रूस के बीच परमाणु हथियारों को लेकर की गई न्यू स्टार्ट ट्रीटी को रद्द कर दिया था।
संबोधन में रूसी राष्ट्रपति ने कहा था- पश्चिमी देश यूक्रेन के कंधों पर रखकर बंदूक चला रहे हैं, उन्हें मूर्ख बना रहे हैं। हम अपने वतन की हिफाजत करना बखूबी जानते हैं। हमें पश्चिमी देशों से भी बातचीत करने में कोई दिक्कत नहीं है। इसके लिए मैंने खुद कई साल तक कोशिश की, लेकिन अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देश हल चाहते ही नहीं है। हमें हमेशा नजरअंदाज किया गया।
क्या है न्यू स्टार्ट ट्रीटी
- 5 फरवरी 2011 को रूस और अमेरिका के बीच न्यू स्टार्ट ट्रीटी को लागू किया गया था।
- ट्रीटी का मकसद दोनों देशों में परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करना था।
- दोनों देशों ने तय किया था कि वो अपने पास 1550 से ज्यादा परमाणु हथियार और 700 से ज्यादा स्ट्रैटेजिक लॉन्चर नहीं रखेंगे।
- इसकी अवधि दस साल यानी साल 2021 तक थी। बाद में इसे 5 साल बढ़ाकर 2026 तक कर दिया गया था।
पिछले साल मॉस्को में चौराहों पर पुतिन का भाषण दिखाया गया था।
‘जंग के मैदान में रूस को हराना नामुमकिन’
पिछले साल के भाषण में पुतिन ने कहा था- हमारी जंग यूक्रेन के लोगों से नहीं है, क्योंकि वो तो वहां की हुकूमत के बंधक हैं। दुनिया ये कान खोलकर सुन ले कि रूस को जंग के मैदान में हराना नामुमकिन है। दरअसल, वेस्टर्न पावर चाहते हैं कि यूरोप में वो पुलिस का रोल अदा करें। हम अपने बच्चों पर कोई खतरा नहीं आने देंगे।
जंग खत्म करने की बात कह चुके हैं पुतिन
G20 की वर्चुअल समिट के दौरान पुतिन ने लगभग दो साल से जारी रूस-यूक्रेन जंग खत्म किए जाने का जिक्र किया था। पुतिन ने कहा था- अब यूक्रेन के साथ जंग खत्म करने का समय आ गया है। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हमने कभी भी शांति वार्ता के लिए मना नहीं किया। ये यूक्रेनी कानून के कारण रुकी है।
दरअसल, अक्टूबर 2022 में यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आधिकारिक तौर पर पुतिन के साथ किसी भी यूक्रेनी वार्ता की संभावना को असंभव घोषित करते हुए एक डिक्री (ऑफिशियल डिसीजन) पर साइन किए थे। हालांकि इसमें रूसी सरकार के साथ बातचीत के लिए दरवाजा खुला होने की बात थी।





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