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 कैबिनेट मंत्री बने कच्चे घर में रहने वाले खराड़ी: मिनिस्टर बने संजय शर्मा तो रोने लगी माँ; पत्नी कथा सुन रही थी दिलावर शपथ ले रहे थे

जयपुर

राजस्थान में भजनलाल सरकार मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने 22 मंत्रियों को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इनमें 12 कैबिनेट, 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 5 राज्य मंत्री हैं।

लेकिन, इन मंत्रियों में सबसे रोचक कहानी उदयपुर के झाड़ोल से चौथी बार विधायक बने बाबूलाल खराड़ी की है, जिन्हें पहली बार मंत्री बनाया गया है। चार बार के विधायक खराड़ी आज भी कच्चे मकान में रहते हैं।

खास बात ये है कि जिस समय खराड़ी शपथ ले रहे थे, उस समय तक उनकी पत्नी और बेटे को तक नहीं पता था, उनके दामाद ने फोन किया तो गांव को पता चला कि बाबूलाल मंत्री बन गए हैं।

इधर, अलवर शहर से संजय शर्मा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। जब उनकी माताजी ने अपने बेटे को जब शपथ लेते देखा तो आंसू बहने लगे।

ये बाबूलाल खराड़ी का घर है। वे आज भी इसी कच्चे घर मे परिवार के साथ रहते हैं।

ये बाबूलाल खराड़ी का घर है। वे आज भी इसी कच्चे घर मे परिवार के साथ रहते हैं।

टीवी पर नाम सुना तो घरवालों को पता चला अब मंत्री बने
आदिवासी नेता बाबूलाल खराड़ी संगठन के लिए इतने समर्पित है कि कभी कुछ नहीं मांगा और उनको मिलता गया। बाबूलाल ने कोटड़ा क्षेत्र में भाजपा की पकड़ इस कदर मजबूत बनाई है कि वे लगातार जीतते आ रहे हैं। हालांकि, साल 2013 में वे चुनाव हार भी गए थे।

बाबूलाल खराड़ी के दामाद पवन ने बताया कि सुबह बात हुई तो ये बताया था कि जयपुर जा रहे हैं। इसके बाद शपथ समारोह शुरू होने पर मैं टीवी देख रहा था। जैसे ही ससुर जी का नाम आया तो हम खुशी से झूम उठे। इसके बाद मैंने अपने साले देवेंद्र को कॉल किया और बताया कि बाबूलाल जी कैबिनेट मंत्री बन गए।

गांव के लोगों ने बताया कि जिस समय खराड़ी शपथ ले रहे थे, तब उनका बेटा और पत्नी तेजू देवी घर का काम कर रहे थे। बेटे ने जब मां और गांव के लोगों को बताया तो जश्न मनाया गया। इसके बाद तेजू देवी ने हाथ जोड़कर पीएम काे धन्यवाद दिया।

बताया जाता है कि बाबूलाल खराड़ी इस आदिवासी क्षेत्र में पहले भाजपा के कार्यकर्ता थे। जब कोई इस क्षेत्र से भाजपा में नहीं जुड़ा था, तब खराड़ी साइकिल पर पार्टी का झंडा लेकर घूमा करते थे।

बाबूलाल सर्वश्रेष्ठ विधायक चुने गए थे
खराड़ी 12वीं, 13वीं और 15वीं विधानसभा में जीत कर गए थे। 15वीं राजस्थान विधानसभा की अवधि में 2022 में सर्वश्रेष्ठ विधायक चुने गए थे। हायर सेकेंडरी पास खराड़ी किसान हैं। वे कोटड़ा से 3 किलोमीटर दूर नीचला फला में रहते हैं। उनका घर आज भी केलूपोश का ही है। बाबूलाल खुद खेती करते हैं और उनका परिवार खेती पर ही आश्रित है। उनके पास एक ट्रैक्टर और एक स्कॉर्पियो है।

ये खराड़ी की पत्नी हैं, उनके बेटे ने उन्हें बताया कि पिताजी अब मंत्री बन गए हैं।

ये खराड़ी की पत्नी हैं, उनके बेटे ने उन्हें बताया कि पिताजी अब मंत्री बन गए हैं।

भाजपा का झंडा उठाकर साइकिल पर घूमते थे
कोटड़ा में भाजपा के प्रति बाबूलाल की जो संघर्ष की यात्रा है उसका परिणाम है कि आज उनको मंत्री बनाया गया है। जिस समय कोटड़ा और झाड़ोल में भाजपा का झंडा थामने वाला कोई नहीं था, तब बाबूलाल जैसे गिने चुने लोग थे। बाबूलाल ने पूरा जीवन इस पार्टी के लिए लगा दिया। वे साइकिल पर भाजपा के लिए गांव-गांव जाते थे और पार्टी का उस क्षेत्र में ऐसा मैदान तैयार किया कि वो इलाका भाजपा का गढ़ बन गया है। बाबूलाल पहले निजी स्कूल में लगे थे और बाद में वे आरएसएस से जुड़ गए।

जिला परिषद सदस्य लेकर प्रधान तक रहे
संघ की शिक्षा पूरी होने के बाद उनको आरएसएस के वनवासी कल्याण परिषद में सुपरवाइजर बना दिया, बाद में उनको आरएसएस के खंड कारवा यानि तहसील अध्यक्ष बनाया। खराड़ी को भाजयुमो का उस क्षेत्र का अध्यक्ष बना दिया गया। इसके बाद पार्टी ने बाबूलाल को आगे ही बढ़ाया। वे जिला परिषद सदस्य बने और बाद में कोटड़ा के प्रधान रहे। छह बार भाजपा ने बाबूलाल को टिकट दिया वे चार बार जीते।

केके विश्नोई बाड़मेर के गुड़ामालानी से विधायक बने और अब मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें शुक्रवार रात को ही कॉल आ गया था।

केके विश्नोई बाड़मेर के गुड़ामालानी से विधायक बने और अब मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें शुक्रवार रात को ही कॉल आ गया था।

विश्नोई कहकर गए थे- किसी को बताना मत
उधर, गुड़ामालानी से विधायक केके विश्नोई के जोधपुर स्थित शास्त्रीनगर के घर में खुशी का माहौल है। विश्नोई की भाभी मधु देवी ने बताया- हमें रात में ही जानकारी मिल गई थी कि देवरजी मंत्री बन रहे हैं, लेकिन खुशी को छुपाकर रखा। सुबह कहकर गए कि शपथ से पहले किसी को मत बताना कि मंत्री बन रहा हूं।

घर पर केके विश्नोई की भाभी मधु व भतीजे हर्षवर्धन, एश्वर्यवर्धन सहित परिवार के अन्य लोग भी थे। भाभी ने बताया- हमें रात में जानकारी मिल गई थी कि देवर जी मंत्री बनने जा रहे हैं।

विश्नोई के परिवार के लोगों ने शपथ लेने तक अपनी खुशी छुपाकर रखी। जब नाम पुकारा गया तो सभी का मुंह मीठा करवाया।

विश्नोई के परिवार के लोगों ने शपथ लेने तक अपनी खुशी छुपाकर रखी। जब नाम पुकारा गया तो सभी का मुंह मीठा करवाया।

दिलावर में शपथ ले रहे थे, पत्नी भागवत कथा में थी
कोटा के रामगंज मंडी से विधायक मदन दिलावर जब शनिवार को राजभवन में कैबिनेट मंत्री की शपथ ले रहे थे तब उनकी पत्नी और घर के लोगों को पता नहीं था कि वे मंत्री बन गए हैं। शपथ के दौरान उनकी पत्नी सूरज दिलावर भागवत कथा में गईं थीं।

दिलावर ने मंत्री के रूप में शपथ लेने की सूचना लगने के बाद कोटा स्थित उनके आवास पर समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया था। भास्कर ने विधायक मदन दिलावर की पत्नी सूरज दिलावर से बात की तो उन्होंने बताया बांके बिहारी मंदिर में भागवत कथा सुनने गई हुई थी। रिश्तेदार कथा में पहुंचे और काह कि घर चलो मदन जी मंत्री बन गए हैं।

ये मदन दिलावर का परिवार है। उनका कहना है कि उन्हें सालों की संघर्ष का परिणाम मिला है।

ये मदन दिलावर का परिवार है। उनका कहना है कि उन्हें सालों की संघर्ष का परिणाम मिला है।

पत्नी का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कैबिनट में जगह मिल जाएगी। वहीं बेटे सूरज ने बताया कि पार्टी ने अच्छा फैसला लिया है। उनका कहना था कि सुबह जयपुर के लिए निकले थे, लेकिन बताया नहीं कि क्यों जा रहे हैं। जब पूछा कि शपथ लेंगे, तो कहने लगे- पहले भी मंत्री रह चुका हूं, बाकी पार्टी निर्णय करेगी।

पहले भैरोंसिंह और राजे सरकार में रहे मंत्री
मदन दिलावर छ्ठी बार के विधायक हैं। 1990 से 2008 तक बारां की अटरू सीट से 4 बार लगातार विधायक रहे हैं। इस दौरान दो बार बीजेपी की सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहे। 2003 से 2008 तक सहकारिता विभाग का जिम्मा संभाला। साल 2018 में दिलावर कोटा की रामगंजमंडी सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनें।

साल 2023 के विधानसभा चुनाव में दिलावर ने एक बार फिर जीत हासिल की। मदन दिलावर शुरुआत से ही संघ से जुड़े रहे। उनकी पहचान हिंदूवादी चेहरे की रूप में रही है। उन्होंने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए कार सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाई। श्री राम मंदिर निर्माण व कश्मीर से धारा 370 के हटने तक माला नहीं पहनने और जमीन पर ही सोने का संकल्प ले रखा था।

संजय शर्मा भी पहली बार मंत्री बने हैं। जैसे ही लोगों को पता चला तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे थे।

संजय शर्मा भी पहली बार मंत्री बने हैं। जैसे ही लोगों को पता चला तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे थे।

संजय शर्मा की बहन बोलीं- हमें टीवी में देख कर पता लगा
अलवर शहर से विधायक संजय शर्मा भजनलाल कैबिनेट में मंत्री बने हैं। उन्हें स्वतंत्र प्रभार मिला है। शनिवार को जयपुर में राजभवन में संजय शर्मा ने मंत्री पद की शपथ ली तो अलवर में जश्न का माहौल हो गया। अलवर शहर में बिजलीघर के पास स्थित आवास पर समर्थकों की भीड़ जुट गई। यहां संजय शर्मा का संयुक्त परिवार रहता है। बड़ा मकान है। संजय के पिता 6 भाई रहे। विधायक खुद दो भाई हैं। दो बेटे हैं। एक ही मकान में पूरा परिवार रहता है।

ये संजय शर्मा की माताजी हैं। बेटे को शपथ लेता देख वे भी भावुक हो गई थीं।

ये संजय शर्मा की माताजी हैं। बेटे को शपथ लेता देख वे भी भावुक हो गई थीं।

विधायक संजय शर्मा की मां तारा देवी और पत्नी बबीता शर्मा ने बताया- वे खुश हैं। बात करते हुए तारा देवी की आंखें भर आईं। संजय शर्मा की मां ने कहा- बेटा मंत्री बन गया है, क्या बधाई दूं, उसके पिता नहीं हैं, उनका ही आशीर्वाद है। संजय एमएलए बना तो बहुत खुश हुए थे। वे होते तो अलग ही खुशी होती। संजय मुझसे बहुत अटैच है। अभी तक खाना मेरे पास ही खाता है, बहुत समय बिताता है।

छोटी बहन ने कहा- भैया मंत्री बन गए, इसकी बहुत खुशी है। जनता ने उन पर विश्वास किया, अब वे जनता की सेवा करेंगे। कहने को शब्द नहीं है, बहुत खुशी है। हमें टीवी में देख कर पता लगा। बधाई के लिए खूब फोन आ रहे हैं, लेकिन फोन उठा नहीं पा रहे हैं।

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