
छात्र सालो से कर रहे अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष
पिछोर। पिछोर का शासकीय छत्रसाल महाविद्यालय बना अव्यवस्थाओं का भंडार महाविद्यालय में न ही सोचालय की कोई व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था है छात्रा नेहा भट्ट द्वारा बताया गया की हमारे कॉलेज में छात्राये खुले में कही शौच की जगह देखती हैं सालों से महाविद्यालय में सोचालय नही है व स्टाफ के लिए व्यक्तिगत सोचालय है वही छात्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह ज्ञात हुआ की छात्रों द्वारा अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबे समय से संघर्ष चल रहा है परंतु कोई कार्यवाही नही होती है। महाविद्यालय में वर्तमान में अभी बीए प्रथम व दुत्तीय वर्ष की परीक्षायें चल रही है विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय की गैलरी में कड़ी धूप व गर्मी में बैठाया जाता है पूर्व में कई छात्र छात्राओं की तबियत भी खराब हो चुकी हैं परंतु विद्यार्थियों को न ही कक्षा कक्ष में ग्लूकोज मिलता है और न ही पीने योग्य पानी।छात्रों द्वारा पूर्व में मुलभुत सुविधाओं की मांग को लेकर भूख हड़ताल की गई थी जिसके परिणाम स्वरूप महाविद्यालय में नया वाटर कूलर लगभग डेढ़ महीने पहले आ गया था परंतु महाविद्यालय प्रशासन की लेतलाली के कारण वह वाटर कूलर आज दिनांक तक फिट नही हुआ है।छात्रों की मांग पर नए शौचालयों का निर्माण भी हो रहा है परंतु वह निर्माण बेहद निम्न व घटिया क्वालिटी का हो रहा है जिसकी ओर महाविद्यालय प्रशासन कोई ध्यान नही दे रहा है शौचालय की नई दीवार ऊपर से फट रही है एवं सही तरीके से दीवारों की सिचाई भी नही हो रही हैं जिस कारण दीवारे कमजोर हो रही हैं।वही छात्र दीपक पाल द्वारा बताया गया कि हमे कॉलेज में खेल का कोई समान नही दिया जाता हैं और न ही हमारे कॉलेज में पढऩे के लिए मैगजीन एवं समाचार पत्र की कोई व्यवस्था है यहाँ तक की वाचनालय की भी व्यवस्था नही है। जबकि छात्रों से हर वर्ष उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रथक-प्रथक फीस ली जाती हैं परंतु उसका लाभ उन्हें बिल्कुल भी नही मिलता है। छात्रों द्वारा बताया गया कि उपर्युक्त समस्याओं के लिए कई बार हम एसडीएम से भी मिल चुके हैं परंतु वह भी कोई कार्यवाही नही करते हैं।






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