पिछोर। केंडर ग्राम में स्थित हनुमान मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा से पहले कलश यात्रा निकाली गई जिसमें महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर डीजे घोडे के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुये हनुमान मंदिर पर पहुंची। सात दिवसीय कथा 29 जनवरी तक चलेगी। अयोध्याधाम से पधारी कथावाचक सुश्री ज्योति शास्त्री ने कहा की भागवत कथा मन, वचन और कर्म से किए गए समस्त पापों को नष्ट करती है और साथ ही मनुष्य को सरल और सहज जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा गो, गंगा और गीता भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। इनके अस्तित्व की रक्षा करना हम सभी का धर्म है। गृहस्थाश्रम सभी आश्रमों में श्रेष्ठ है जो व्यक्ति गृहस्थ में रहकर के भगवान के नाम का स्मरण करता है और अपने कर्तव्य कार्यों का निर्वहन करता है। वह संसार रूपी भवसागर से पार हो जाता है।






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