पिछोर। अनुविभागीय क्षेत्र के तहत आने बाले खोड़ स्थित बरेला चौराहा पर बिना अनुमति लिए ही कुछ अज्ञात लोंगो ने 27 सितम्बर दरमियान रात्रि को संविधान निर्माता डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है जिसके चलते दलितों द्वारा एक पक्षीय आवाज उठाई गई थीl वहीं मामला को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था जिसका अभी तक कोई सुराग नही लग पाया है l परंतु इसी बीच 10 रोज बाद उसी स्टेच्यू की उंगली को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया जिसके चलते क्षेत्र से दलित सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए हैl
जिन्होंने मौके पर ही माँग को लेकर नारे बाजी का हंगामा किया और अनिश्चित कालीन धरना देने लग गए तभी प्रशासन ने भी अपना पुलिस अमला बुलाकर छावनी बना दी चौतरफा पुलिस बल तैनाती कर रहा थाl
सूचना मिलने पर एस डी ओ पी समित पुलिस बल मौके पर पहुचकर मौके को पुलिस छावनी बना दी है जहां दलित आक्रोशित होकर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रशासन की लापरवाही को कोष रहे है अच्छीखासी भीड़भाड़ एकत्रित होकर बाबा साहब की तश्वीर लेकर माँग करते हुए धरना शुरू कर दिया जहाँ पर पक्षीय लोगों द्वारा लगातार अपराधी का पता लगाने एवं जल्द ही दूसरी प्रतिमा स्थापित कराने की मांग के लिए अड़ गए l ऐसा करते हुए वह एक किलोमीटर दूरी पर स्थित पुलिस चौकी प्रांगण में धरना देने के लिए पहुच गए जहाँ भी उसी मांग पर अड़े हुए थे इस दौरान उपस्थित प्रशासन ने फिलहाल दलित भीड़भाड़ के बीच जाकर एवं उन्हें समझा बुझाकर डॉ,.भीमराव अंबेडकर की दूसरी प्रतिमा को तीन दिन में रख बाने का आश्वासन दिया है एवं ऐसी दिशा में फिलहाल आक्रोशित दलितों को दोषी का पता लगाकर उचित कार्यवाई करने की भी आश्वासन दियाl
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है जिसकी छानबीन शुरू कर दी है l इस प्रकार अनुविभागीय क्षेत्र की यह तीसरी अप्रिय घटना घटित हुई है लेकिन प्रशासन मौन धारण करता नजर आ रहा है आखिर प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं पर खरा क्यों उतरता नही देखा जा रहा हैl
मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने देखी जा रही है जहाँ प्रशासन को मामले की जानकारी होते हुए भी अम्बेडकर की प्रतिमा की कोई देख रेख की गई इस कारण 10वे रोज यह घटना को अंजाम मिला हैl
जबकि प्रशासन द्वारा प्रतिमा की देखरेख का जिम्मा लिया गया था
प्रशासन और पक्षीय दल के बीच हुई चर्चा
विरोधाभास को देखते हुए चर्चा में प्रशासन ने पक्षीय दल से बात करते हुए कहा है कि डॉक्टर अम्बेडकर जी की स्थापित प्रतिमा के साथ जो भी क्षतिग्रस्त बाली घटना घटित हुई है वह एक निंदनीय घटना है इसका जल्द ही खुलासा कर निराकरण कराया जायेगा।






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