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ओबामा बोले- धरती बचाएं मंगल पर जीवन बसाने की जगह: कहा- पृथ्वी परमाणु युद्ध के बाद भी मंगल ग्रह से ज्यादा रहने लायक होगी  /INTERNATIONAL

पेरिस

फ्रांस में हुई रेन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस में ओबामा ने मंगल ग्रह पर जाने के लिए स्पेसशिप बनाने वाले अरबपतियों पर सवाल उठाए।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को पेरिस में एक समिट के दौरान कहा- मंगल ग्रह पर कॉलोनी बनाने का सपना देखने से पहले लोगों को पृथ्वी को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। कोई परमाणु युद्ध और जलवायु परिवर्तन भी लाल ग्रह को रहने लायक नहीं बना सकता।

रेन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए ओबामा ने उन अरबपतियों का जिक्र किया जो इंसानों को मंगल पर ले जाने वाली स्पेसशिप बना रहे हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- कुछ लोग मार्स पर जीवन बसाने की बात करते हैं क्योंकि उनके मुताबिक, पृथ्वी का पर्यावरण इतना खराब हो सकता है कि वो रहने लायक ही न बचे।

तस्वीर में बराक ओबामा पेरिस में क्लाइमेट चेंज पर बात करते दिख रहे हैं।

तस्वीर में बराक ओबामा पेरिस में क्लाइमेट चेंज पर बात करते दिख रहे हैं।

ओबामा बोले- क्लाइमेट चेंज के लिए कुछ न करने पर भी धरती पर रहेगा ऑक्सीजन
ओबामा ने आगे कहा- अगर पृथ्वी पर परमाणु जंग भी हो गई तो भी यह मार्स की तुलना में ज्यादा रहने लायक होगा। अगर हमने क्लाइमेट चेंज को लेकर कोई कदम नहीं उठाया तब भी धरती पर ऑक्सीजन रहेगी। लेकिन मंगल ग्रह के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, हमें मंगल ग्रह की जगह इस धरती को बेहतर बनाने और उसका ध्यान रखने पर खर्चा करना चाहिए। अंतरिक्ष में खोज का मकसद जानकारी इकट्ठा करना होना चाहिए। इस दौरान लोगों के रहने के लिए नई दुनिया बनाने पर फोकस नहीं होना चाहिए। हमें धरती पर रहने के लिए बनाया गया है और हमें इस धरती को रहने लायक रखने की कोशिश करनी चाहिए।

मंगल ग्रह पर जाने के लिए सबसे ताकतवर रॉकेट बना रहे एलन मस्क
स्पेसएक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क दुनिया के सबसे ताकतवर स्टारशिप व्हीकल की टेस्टिंग कर रहे हैं। यह एक रीयूजेबल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम है। इसके जरिए मस्क इंसानों को मंगल ग्रह पर भेजेंगे। स्टारशिप सिस्टम 100 लोगों को एक साथ मंगल ग्रह पर लेकर जाएगा।

मस्क 2029 तक इंसानों को मंगल ग्रह पर पहुंचाकर वहां कॉलोनी बसाना चाहते हैं। स्पेसशिप इंसानों को दुनिया के किसी भी कोने में एक घंटे से कम समय में पहुंचाने में भी सक्षम होगा।

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