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आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना हेतु 'एकात्म यात्राÓ के जिले में पहुंचने पर नागरिकों ने किया भव्य स्वागत एकात्म यात्रा के माध्यम से आदिगुरू शंकराचार्य के संदेश एवं आदर्श जन-जन तक पहुंचेंगे

शिवपुरी। आदिशंकराचार्य की ओंकारेश्वर खण्डवा में प्रतिमा स्थापना हेतु जनजागरण अभियान ”एकात्म यात्राÓÓ प्रथम चरण के रूप में शिवपुरी जिले में की सीमा पर तहसील खनियाधाना में उरनदी बामौरकलां पहुंचने पर आज जिले के नागरिकों एवं मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) राजू बाथम, बाल अधिकार संरक्षण आयोग (केबिनेट मंत्री दर्जा) राघवेन्द्र शर्मा, कलेक्टर तरूण राठी, अपर कलेक्टर डॉ.ए.के.रोहतगी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी सी.पी.प्रसाद सहित जनप्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया गया। एकात्म यात्रा में परमपूज्य परमात्मानंद जी महाराज, राधे-राधे महाराज सहित अन्य संतगण आदि एकात्म यात्रा के साथ थे।

संत राधे-रोध महाराज ने खनियांधाना में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह जिले के लिए सौभाग्य की बात है कि जिले के विभिन्न स्थानों से एकात्म यात्रा के माध्यम से आदिगुरू शंकराचार्य के संदेशों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य का जन्म केरल के एक छोटे से गांव में हुआ था। आदिगुरू शंकराचार्य बचपन से ही कुशल एवं तीव्र बुद्धि के थे। उन्होंने भारत में बैदिक परम्परा को स्थापित किया। उनके पिता का चार वर्ष की आयु में निधन हो गया था। आदि शंकराचार्य ने मां नर्मदा के तट पर ज्ञान प्राप्त किया। सुदूर केरल से आठ वर्ष के बाल सन्यासी के रूप में वे 1200 वर्ष पूर्व हजारों किलो मीटर की पदयात्रा कर गुरू की खोज में गुरू गोविन्दपाद के आश्रम में पहुंचे। वहां तीन वर्ष में ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने के पश्चात उपनिषदों, ब्रह्मसूत्र एवं गीता पर भाष्य लिखा एवं अद्वैत मत की स्थापना के लिये सम्पूर्ण भारत की यात्रा पर निकल पड़े। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में ”नमामि देवी नर्मदे यात्राÓÓ के माध्यम से जहां जल एवं नदियों का संरक्षण से लाखों लोगों को लाभ मिला, इस दौरान साधू-संतो के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया कि खण्डवा के ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की मूर्ति लगाई जाए। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को मूर्ति के पूजन का कार्यक्रम होगा। इसमे अधिक से अधिक लोग उपस्थित हो। राधे-राधे महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना शुरू कर श्रवण कुमार बनकर बुर्जुगों को तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए है। कन्याभू्रण हत्या रोकने एवं बालिकाओं के संरक्षण हेतु लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की है। कार्यक्रम के शुरू में मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजू बाथम ने बताया कि संपूर्ण मध्यप्रदेश में जन-जागरण और आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा हेतु धातु संग्रहण महा अभियान के तहत ओंकारेश्वर से एकात्म यात्राए शुरू हुई है। 

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