
नरवर। जीरो से 40 प्रतिशत परिणाम वाले विषयवार
शिक्षक एवं कैचमेंट शालाओं के शिक्षकों की दक्षता संवर्धन परीक्षा नहीं लिए
जाने की मांग को लेकर मप्र शासकीय अध्यापक संगठन नरवर द्वारा गत दिवस
तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि शिक्षकों की
नियुक्ति परीक्षा उपरांत ही की जाती है। ऐसे में यदि परीक्षा परिणाम 40
प्रतिशत से कम रहता है तो इसके लिए शिक्षकों को दोषी नहीं माना जाए।कई
स्कूल ऐसे हैं जहां एक या दो शिक्षक ही पदस्थ है। शिक्षकों से अन्य प्रकार
के काम भी कराए जाते हैं। जिसके कारण शिक्षकों को अध्ययन कराने के लिए
पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। इसलिए शिक्षक दोषी नहीं है। कई जगहों पर
स्कूल का न तो भवन है और न ही संसाधन है। छात्र पूरे साल स्कूल नहीं आते
है। इस संबंध में पालकों को समय-समय पर अवगत कराया जाता है उसके बाद भी
छात्र स्कूल नहीं आते हैं। यह भी परीक्षा परिणाम कम रहने का कारण हैं।
उन्होंने बताया कि कैचमेंट शालाओं में छात्रों को अनुत्तीर्ण नहीं किया
जाता है। 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा नहीं होने और लोकल कक्षा में जनरल
प्रमोशन देना भी परीक्षा परिणाम कम रहने का मुख्य कारण हैं। संगठन ने बताया
कि गत वर्ष उक्त परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें प्रदेशभर में 16 शिक्षकों
को आवश्यक सेवानिवृति देकर घर बैठा दिया गया था। घर बैठाए गए सभी 16
शिक्षक आज दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं, क्योंकि पेंशन नहीं मिलती है।
इसलिए विषयवार शिक्षक एवं कैचमेंट शालाओं के शिक्षकों की दक्षता संवर्धन
परीक्षा नहीं ली जाए। ज्ञापन देने वालों में रंजीत मौर्य शा.मा.वि. भीमपुर,
महेशचंद्र मौर्य शासकीय माध्यमिक विद्यालय शेरगढ़, सुरेश कुमार बघेल
शा.मा.वि. सुल्तानपुर, गोपाल सिंह कुशवाह पीएस सुल्तानपुर, सुनील कुमार जैन
एचएसएस चकरामपुर सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।






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