
नरवर। नरवर जनपद क्षेत्र के नरवर मगरोनी। कस्बा सहित अन्य ग्रामीणों में शासन प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की विशेष मिली-जुली नीति के तहत नरवर मुख्यालय सहित मंगरौनी कस्बों एवं क्षेत्र में इन दिनों करीब 150 झोलाछाप डॉक्टर एवं पदस्थ एवं। कार्यरत। हे जो गंभीर किस्म की बीमारियों का इलाज गारंटी के साथ कर होने वाले ग्रामीणों एवं आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने में लगे हुए प्राप्त जानकारी मुताबिक प्रशासन एवं बीएमओ की मासिक सेटिंग व्यवस्था के तहत अकेले नरवर मुख्यालय पर ही 3 दर्जन से अधिक झोलाछाप डॉक्टर सरेआम प्रशासन की नाक के नीचे क्लीनिक संचालित कर धीमी गति से गंभीर रोग का ईलाज के नाम पर मौत के मुंह में ढकेलने मैं लगे हुए। है प्राप्त जानकारी मुताबिक। नरवर मुख्यालय पर। ग्राम भीमपुर का ग्रामीण बलराम उर्फ गजराज सिंह कुशवाहा यु 35 वर्ष को सीने में दर्द की शिकायत पर नरवर लाया गया था। जिसे नरवर के स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज की कोई व्यवस्था ना होने के कारण एवं अस्पताल परिसर में शासकीय डॉक्टर द्वारा संचालित क्लीनिक पर लगने वाली फीस की भारी राशि की व्यवस्था ना होने के कारण परिवार जनों से माधव चौक स्थित झोलाछाप डॉक्टर गंगाराम अग्रवाल की क्लीनिक पर लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टर द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी हालत गंभीर होते ही डॉक्टर ने उसे शीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह पर मरीज ने डॉक्टर की दुकान से कुछ फलांग की दूरी पर पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया गया घटना के बाद परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद नरवर पुलिस ने मृतक का चचेरा भाई कुंदन सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट पर प्रकरण पंजीबद्ध कर। मृतक की लाश स्वास्थ्य परिसर के पी एम हाउस में रखवा दिया गया घटना के बाद डॉक्टर मौके से फरार हो गया। प्राप्त जानकारी मुताबिक अकेले नरवर एवं मगरोनी कस्बा में ही 5 दर्जन से अधिक झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक संचालित नरवर के क्लीनिक संचालित किए गए हुए अस्पताल परिसर। मैं आने वाले मरीजों को रोगी कल्याण समिति के दो एवं ₹5 की रसीद काटने के बाद बीएमओ के क्लीनिक पर पहुंचना पड़ता है जहां पर फीस देने वाले ही मरीजों का इलाज हो पाता है परिणाम स्वरुप शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले नरवर एवं मगरोनी कस्बे के सैकड़ों मरीज सस्ते इलाज के लालच में झोलाछाप डॉक्टरों की गिरफ्त में हो कर जानमाल की जोखिम का खतरा लेने वाधय बने हुए हैं माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद भी प्रशासन शासन एवं बीएमओ की मिली-जुली भगत से संपूर्ण नरवर क्षेत्र में 150 से अधिक झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक संचालित बने हुए हैं जहां पर मलेरिया आदि के हाई डोज के कारण सैकड़ों की संख्या में लोग धीमी गति से मौत के मुंह में जा रहे अथवा गंभीर रोग से ग्रस्त। हो गए हैं 7 झोलाछाप ओ द्वारा पूर्व में भी कोई लोगों को इंजेक्शन लगाकर मौत के घाट उतारा जा चुका है आज नरवर नगर में घटना घटित प्रशासकीय लापरवाही एवं मिलीभगत से संचालित झोलाछाप के इंजेक्शन से बलराम उर्फ गजराज सिंह कुशवाहा की मौत की मौत का मामला विशेष चर्चा में बना हुआ है।






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