
मध्यप्रदेश में आज मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली दौरे पर हैं। वे यहां बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर विभाग बंटवारे पर फाइनल चर्चा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार रात करीब सवा 9 बजे प्राइवेट विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से उनके घर पहुंचकर मुलाकात की। ये मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली।
सीएम शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे के बाद दिल्ली से वापस लौटेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि उनके भोपाल लौटने के बाद कभी भी मंत्रियों को विभाग बंटवारे का ऐलान हो सकता है। इससे पहले दैनिक भास्कर ने विभाग बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, ‘जब मंत्री बना दिए तो अब ये भी हो जाएगा।’

सिंघार बोले- डबल इंजन में दिल्ली का इंजन ही चलता दिख रहा
25 दिसंबर को डॉ. मोहन मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था। जिसके तहत 28 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। इसके तीन दिन बाद भी मंत्रियों को विभागों का बंटवारा नहीं हुआ है। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लिखा- ‘CM के चयन का फैसला 10 दिन में, मंत्रिमंडल का फैसला 12 दिन में, अब विभागों के बंटवारे में देरी और खींचतान जारी है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘आखिर प्रदेश के नए नवेले मुख्यमंत्री को कोई अधिकार दिया भी गया है कि नहीं, या सारे फरमान दिल्ली दरबार से जारी हो रहे हैं। डबल इंजन की सरकार में दिल्ली का इंजन ही चलता दिखाई दे रहा है।’

मंत्रियों को विभाग बंटवारे में हो रही देरी पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाए हैं।
सिंघार ने लिखा- मध्यप्रदेश में सुस्ताशन का आरंभ
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने ट्वीट किया- भाजपा की लेटलतीफी से शासन व्यवस्था ठप पड़ी है। जो सरकार विभागों की खींचातानी में लगी हो, वो जनता को कैसे संभालेगी। जनता परेशान है कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किन मंत्रियों के पास जाए? अब जनता मंत्रियों की तरह अपने कार्यों के लिए दिल्ली तो नहीं जा सकती। अब एक बड़ा सवाल। सरकार कौन चलाएगा? मध्यप्रदेश में सुस्ताशन का आरंभ..।
डिप्टी CM के पास भी कोई विभाग नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ 13 दिसंबर को शपथ लेने वाले दोनों डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा को भी पद संभाले 15 दिन बीत चुके हैं। उनके पास फिलहाल कोई विभाग नहीं है।
मंत्रियों को विभागों का बंटवारा न होने से अधिकारियों में भी असमंजस का माहौल है। चुनाव हार चुके पूर्व मंत्रियों और इस बार मंत्री न बनने वाले विधायकों के स्टाफ में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी नए मंत्रियों के यहां जगह बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

25 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार में 28 मंत्रियों का शपथ ग्रहण हुआ था।
जानिए कब क्या हुआ?
- 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए।
- 8 दिन बाद 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री का चयन किया गया।
- इसके 2 दिन बाद 13 दिसंबर को सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली।
- इसके 12 दिन बाद 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।
- मंत्रिमंडल विस्तार के तीन दिन बाद भी मंत्रियों को विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है।





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