
तस्वीर पाकिस्तान की पार्टी JUI-F के चीफ मौलाना फजल उर-रहमान की है। (फाइल)
पाकिस्तान में JUI-F पार्टी के प्रमुख मौलाना फजल उर-रहमान (मौलाना डीजल) ने कहा- 2022 में इमरान की सरकार गिराने के पीछे फौज और ISI का हाथ था। जनरल बाजवा और इंटर-सर्विस इंटेलीजेंस के फैज अहमद ने मिलकर इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे।
एक प्राइवेट टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान मौलाना ने कहा- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नेतृत्व किया था। मैं इसके पक्ष में नहीं था, लेकिन मैंने इसका समर्थन किया क्योंकि तब मैं पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) का हिस्सा था। अगर मैं उनका साथ नहीं देता तो वे कहते कि मैंने इमरान खान को बचाया। दरअसल, 2022 में इमरान के खिलाफ बने गठबंधन PDM के चीफ मौलाना फजल ही थे।

गुरुवार को चुनाव में धांधली को लेकर चर्चा के लिए PTI और JUI-F के नेताओं ने बैठक की थी।
फजल उर-रहमान बोले- मैंने इमरान के खिलाफ फौज का साथ देने से इनकार किया था
इंटरव्यू में उन्होंने बताया- इमरान की सरकार गिराने के लिए जनरल फैज ने कहा था कि हम सिस्टम के अंदर रहते हुए सब कुछ कर सकते हैं और उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, मैंने इसमें उनका साथ देने से इनकार कर दिया। लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही बलूचिस्तान अवामी पार्टी (BAP), मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पार्टी (MQM-P) और दूसरी पार्टियों ने इमरान के साथ गठबंधन तोड़ दिया।
मौलाना के मुताबिक, इसके बाद एंटी-PTI बहुमत में आ गई और मुझे उनका साथ देना पड़ा। फजल ने कहा- 2018 और 2024 दोनों चुनावों में धांधली हुई थी। हमने वोटों की चोरी के खिलाफ विरोध करने का फैसला किया है। अब फैसले विधानसभा के बजाय सड़कों पर होगा। 2024 के चुनाव में जो हुआ, उससे PML-N को फायदा पहुंच रहा है। मैंने ये भी सुना है कि नवाज को लाहौर की सीट भी दी गई है।
मौलाना डीजल बोले- PML-N ने सरकार बनाई तो उन्हें जवाब देना होगा
मौलाना ने चेतावनी दी कि अगर PML-N और दूसरी पार्टियां मिलकर सरकार बनाती है, तो उन्हें चुनाव में धांधली पर जवाब देना होगा। इससे पहले मौलाना ने गुरुवार को इमरान की पार्टी PTI और के साथ बैठक की। दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव में हुई धांधली के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल नईम खालिद लोधी ने दावा किया है कि चुनाव से पहले आर्मी ने इमरान खान से जेल में संपर्क किया था।

तस्वीर में इमरान खान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से हाथ मिलाते दिख रहे हैं। (फाइल)
रिपोर्ट में दावा- चुनाव से पहले इमरान से कॉन्टैक्ट में थी आर्मी
जियो न्यूज से बात करते हुए लोधी ने कहा- आर्मी चाहती थी कि खान जनता के सामने ये स्वीकार कर लें कि 9 मई को हुए दंगों में उनका हाथ था और वो दोबारा कभी ऐसा नहीं करेंगे। हालांकि, इमरान ने इससे इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था- मैंने कभी भी 9 मई हमलों की प्लानिंग नहीं की थी। इसमें जिनका भी हाथ था उसे पार्टी से हटाया जाएगा।
वहीं कुछ इंटेलिजेंसी सोर्स ने मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया है कि पाकिस्तान की आर्मी सरकार बनाने को लेकर PTI से भी संपर्क में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फौज चाहती है कि PTI बिलावल की पार्टी PPP के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनाए और नवाज विपक्ष में बैठें। हालांकि, फिलहाल इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।





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