कोलारस। कोलारस राजस्व विभाग में आए दिन पटवारियों की कार्यप्रणाली विवादों का विषय बनी हुई हैं। कई महिला पटवारी महीने में एक या दो बार ही मुख्यालय आती हैं और फिर भी उनके विरुद्घ कोई भी वैधावनिक कार्रवाई नहीं की जाती। कई महिला पटवारी तो ऐसी हैं जो ग्रामीणों का फोन ही नही उठाती। ऐसी ही समस्याओं को लेकर ग्राम पंचायत राई के दर्जनों ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और महिला पटवारी को हटाने की मांग की।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक तहसील के ग्राम राई हल्के में पदस्थ महिला पटवारी की पूरे में चर्चा है, कि वह महीने में कभी-कभार ही मुख्यालय व हल्के में आती हैं। पटवारियों द्वारा अतिबर्षा में पीड़ितों को न कोई जानकारी दी जा रही है और न ही सर्वे में ग्राम के लोगों से पूछताछ की जा रही है, बल्कि पटवारी अपने निवासों में बैठकर कागजों में किसानों के नुकसानों का फर्जी आंकलन करते हुए सर्वे की सूचियां तैयार कर रहे हैं। राई के ग्रामीणों के मुताबिक, पटवारी अतिवर्षा के समय एक बार अवश्य आई थी, उसमें भी नाम लेकर खानापूर्ति कर तुरंत ही चली गई। शिकायतकर्ता कल्याण पाल, डब्बू जाटव, गणेशा जाटव, गोपाल जाटव, राजाराम जाटव, वंटी ओझा, लल्लू वैरागी, कमल किशोर, प्रमोद मराठा, राकेश वैरागी, सौरव पाठक, हंसी आदिवासी, कमल आदिवासी, हरवान आदिवासी, लखन आदिवासी आदि ग्रामीण बताते हैं कि राजस्व संबधी कामों के लिए पटवारी के चक्कर काट रहे हैं, परंतु वे मिलती नहीं और हमारे फोन नहीं उठातीं।
राई हल्के का मामला संज्ञान में है, कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की है। बाढ़ में हुए नुकसान का नियमानुसार सर्वे कराकर मुआवजा भी दिया जा रहा है। जांच करा रहे हैं, यदि राई हल्का में पटवारी द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है एवं बाढ; पीड;तिों के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया हैं तो जांच कराकर, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






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