
ग्वालियर। हाईकोर्ट ने पर्यावरण को बचाने के लिए नई पहल कर दी है। जेल में बंद आरोपियों को जमानत पर रिहा करने की शर्त में पेड़ लगाना जोड़ दिया है और उन्हें 1 साल तक देखभाल की जिम्मेदारी भी दी है। नाबालिग के अपहरण व पॉक्सो एक्ट के आरोप में जेल में बंद एक आरोपी की जमानत में 100 फलदार या छायादर पौधे लगाने की शर्त जोड़ी है।
शिवपुरी जिले के नरवर थाने ने पप्पू उर्फ दयाराम पर नाबालिग का अपहरण का आरोप है। पुलिस ने उसके ऊपर अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। उसे 1 अप्रैल 2019 को गिरफ्तार कर लिया था और वह जेल में बंद था। जिला सत्र न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में तर्क दिया कि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। मामले में झूठा फंसाया गया है। 28 मई को उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश हो चुका है। इसलिए जेल से जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट जमानत की जो शर्तें लगाएगा, उसका पालन किया जा जाएगा। कोर्ट ने शासन व याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद आरोपी को सशर्त जमानत दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि जेल से रिहा होने के बाद उसे सड़क किनारे 100 फलदार या छायादार पौधे लगाने होंगे। ट्री गार्ड लगाकर उनकी सुरक्षा करनी होगी। साथ ही एक साल तक देखभाल के साथ-साथ पानी देना होगा।
पौधे लगाने की रिपोर्ट 30 दिन के भीतर उसे हाईकोर्ट में पेश करनी होगी। साथ ही थाना प्रभारी नरवर को निर्देशित किया जाता है कि पौध लगाने का सत्यापन किया जाए। थाना प्रभारी अपनी रिपोर्ट पेश करें। अगर पौधे लगाने व देखभाल में लापरवाही होती है तो कोर्ट जमानत निरस्त करने पर विचार कर सकता है।





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