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मॉडल एक्ट व मंडी निजीकरण का विरोध ,अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, मंडी में कर्मचारियों ने दिया धरना | Kolaras News

कोलारस। सरकार द्वारा लागू किए जा रहे मॉडल एक्ट व निजीकरण के विरोध में कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। शुक्रवार को मंडी कर्मचारियों सहित तुलावटी, हम्माल, हाथ ठेला-लोडिंग गाड़ी चालक धरने पर बैठे। सहायक उप निरीक्षक कृषि उपज मंडी कोलारस सतीश करारे ने मांगे पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की बात की गई। विरोध प्रदर्शन कर रहे मंडी कर्मचारियों, हमालों का कहना है कि मॉडल एक्ट के संबंध में भारत सरकार के अध्यादेश एवं मंडी अधिनियम 1972 में विरोधाभास होने के कारण कृषक व्यापारी हम्माल तुलावटी और मंडी बोर्ड कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। मंडी कर्मचारियों का कहना है कि मंडी की आय उपज पर मिलने वाले टैक्स पर निर्भर है और इसी टैक्स से मंडी कर्मचारियों का वेतन दिया जाता है यदि टेक्स वसूली नहीं की जाएगी तो उनके सामने उनके परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा ऐसी स्थिति में या तो सरकार मंडी का संचालन पूर्वानुसार करें या फिर मंडी अथवा बोर्ड में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित शासकीय कर्मचारियों के रुप में सम्मलित किया जाए जिससे उनके वेतन पेंशन की जिम्मेदारी शासन पर हो। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करते मंडी कर्मचारियों ने कहा है कि वर्तमा परिस्थिति में शासन द्वारा मंडी फीस सीमित क्षेत्र में किए जाने के कारण मंडियों की आय बहुत कम होगी जिस कारण वेतन अथवा पेंशन का भुगतान किया जाना संभव नहीं हो पाएगा इसलिए शासन अपने वार्षिक वजट में क्षतिपूर्ति का मद निर्धारित कर प्रतिपूर्ति की स्वीकृति प्रदान दें जिससे उनके वेतन पेंशन के भुगतान में शासन स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। धरना प्रदर्शन में सतीश करारे, भूपत सिंह, उमेश शर्मा, शिबू भार्गव, पर्वत रजक, अशोक कुशवाह, कैलाश धाकड़, विनोद जाटव, महेंद्र सिंह दाऊ, निक्की नामदेव, किशन यादव एवं मंडी के समस्त कर्मचारी-हम्माल, तुलावटी मौजूद रहे।
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