
हरियाणा की गावर कंपनी का हुआ ठेका
32 गांव के लोगों की परेशानी का होगा समाधान
करैरा। जिले की करैरा तहसील से होकर निकलने वाला भितरवार-ग्वालियर मार्ग की हालत
पिछले ढाई-तीन सालों में काफी खस्ता हाल में पहुंच गई थी। सड़क पर लोगों का
चलना भी मुश्किल हो गया था। परंतु शीघ्र ही स्थानीय लोगों को धूल, मिट्टी
और गड्ढों से निजात मिल जाएगी, क्योंकि उक्त सड़का का निर्माण कार्य फरवरी
माह के पहले सप्ताह में शुरू हो रहा है। इस सड़क के बनने से 32 गांव के
लोंगो को मिट्टी, धूल से निजात मिल जाएगी। उबड़ खाबड़ मार्ग पर प्रतिदिन
हादसे हो रहे थे। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना
पड़ रहा था। जर्जर पड़ी उक्त सड़क को लेकर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष,
प्रदेश किसान कांग्रेस महासचिव मानसिंह फौजी ने सड़क पर धान लगाकर एक अनोखा
विरोध प्रकट किया था और कलेक्टर से लेकर एमपीआरडीसी के प्रवन्धक तक लिखित
रूप से ज्ञापन दिया था।
एमपीआरडीसी
के महा प्रवन्धक राजीव श्रीवास्तव ने बताया है कि हरियाणा की गावर कंपनी
को ठेका हुए दो माह बीत गए है, लेकनि वर्क ऑर्डर नहीं मिला है। वर्क ऑर्डन
मिलते ही फरवरी के पहले सप्ताह में रोड का काम शुरू हो जाएगा। इस मार्ग के
बनने से 32 गांव के लोंगो को मिट्टी, धूल से भी जल्द निजात मिलने की
संभावना बताई जा रही है। अगर देखा जाए तो करैरा से लेकर सीहोर करही तक सडक
की हालत पिछले ढाई तीन सालों में कुछ ज्यादा ही खराब हो गई है। करही, सीहोर
गांव की सडको की स्थित तो यह हो गई है कि लोगों के घरों से निकलने वाला
गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ है। जिसके कारण सड़क पर बिना बरसात के तालाब बना
हुआ है। करैरा से सीहोर होकर जाने वाला ग्वालियर भितरवार मार्ग करैरा
अभयारण्य के फॉरेस्ट विभाग से निर्माण कार्य से परमिशन न होने की बजह से
अधर में लटका हुआ था। अब यह समस्या भी हल हो गई है ।
कीचड़ और धूल डस्ट से मिलेगी सीहोर के ग्रामीणों को जल्द निजात
करैरा
से भितरवार मार्ग 45 किलो मीटर दूर है। इस मार्ग से भितरवार तक जाने में
एक घंटे का सफर तीन घंटे में तय हो रहा है। करैरा से सीहोर तक हुए गहरे
गड्ढों के कारण वाहन से चलना तो दूर पैदल तक में भी धूल उड़ रही है। धूल के
कारण वाहन एक दूसरे में टकरा जाते है। वहीं सीहोर बस स्टैंड पर गंदे पानी
से भरे गड्ढे पहले से और ज्यादा जानलेवा हो गए है। इन गड्डो में प्रतिदिन
कई लोग गिरकर चोटिल हो रहे है। अब इस मार्ग का कार्य फरवरी माह से शुरू
होने जा रहा। सड़क बनने से ग्राम सीहोर के अलावा 32 गांव के ग्रामीणों को
कीचड़ और धूल से निजात मिल जाएगी।
इन गांवों के लोगों को आ रही परेशानी
करैरा से होकर निकला
ग्वालियर भितरवार मार्ग पिछले चार सालों से जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की
अनदेखी की बजह से बदहाल स्थित से गुजर रहा है । इस मार्ग की बजह से करैरा,
खैराघाट, हाजीनगर, लंगूरी, दुमदुमा, रामनगर, गधाई, झंडा, बहगबा , खडीचा ,
सुनारी, दिहायला, फतेहरपुर, करही, नरवर ब्लॉक के गांव, सीहोर, हथेड़ा,
कांकर, बनियानी सहित आधा सैकड़ा गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना
पड़ रहा था, जो फरवरी के बाद इस समस्या से छुटकारा मिलने की संभावना बताई जा
रही है।
इनका कहना है
करैरा भितरवार मार्ग का ठेका हरियाणा की गावर कन्ट्रेक्शन कम्पनी को हुआ
है। शासन से वर्क ओडर के साथ एग्रीमेंट होते ही फरवरी से काम शुरू हो
जाएगा।
राजीव श्रीवास्तव, महाप्रबंधक एमपीआरडीसी।






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