करैरा। तहसील करैरा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पिछले छः माह से वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन के लिए महिला बाल विकास विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने महिलाएं मजबूर हैं। इसे लेकर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं में शासन के खिलाफ आक्रोश है।
आंगनबाड़ी कार्यक्रताओं व सहायकाओ ने कहा कि कार्यकर्ता, सहायिका आंगनबाड़ी केंद्रों की आधार स्तंभ हैं। स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण, जनगणना, आंगनबाड़ी केन्द्र संभालने के अलावा कई अन्य कार्यों में भी ये सहयोग दे रही हैं। इसके बावजूद समय पर मानदेय नहीं दिया जा रहा है। अबतक पिछले वर्ष के माह तक का वेतन भी नहीं मिला है। आंगनबाडिय़ों के भवनों का किराया नहीं चुकाने के कारण बच्चे सड़क पर आ सकते हैं। शहर की सभी आंगनबाड़ी किराए के भवनों में लगती है। कई महीनों का किराया बकाया होने और इसकी वसूली के लिए बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी किराया नहीं मिलने पर मकान मालिक ने मकान खाली करा देने की बात कह रहे है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सामने असमंजस की स्थिति है गौरतलब है महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छः माह भवनों का किराया नहीं दिया है, जिस वजह से मकान मालिक भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भवन हटाने की बात कह रहे है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लग सकता है।
अनुविभागीय अधिकारी को सौपा ज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकताओं व सहायकाओं ने मिलकर शुक्रवार तहसील कार्यालय पहुंची व अनुविभागीय अधिकारी उदयसिंह सिकरवार को ज्ञापन देकर जल्द से जल्द वेतन भुगतान की मांग की। अनुविभागीय अधिकारी ने उक्त विषय पर जल्द कार्रवाई की बात कही।






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