स्वच्छता पर लाखों खर्च के बाद गांव में पसरी गंदगी / Karera News

 

करैरा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी करैरा विकासखंड के गांवों में स्वच्छता दिखाई नहीं दे रही है। सरपंच और सचिव की मनमानी के चलते गांवों में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। इसका उदाहरण ग्राम बनगवां में देखा जा सकता है। गांव के मुख्य रास्ते पर कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इसके कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। गांव में रास्ते पर पसरी गंदगी और कीचड़ से निजाते दिलाने और पक्की सड़क बनाने के लिए ग्रामीण कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

ग्राम बनगवां सरपंच और सचिव की लापरवाही के चलते अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। रास्ते में पसरी गंदगी और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई के लिए ग्राम पंचायत द्वारा गांव में सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन वह गांव में नियमित रूप से सफाई के लिए आते हैं। सफाई नहीं होने कारण नालियां जाम है और गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। गांव में गंदगी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और महिलाओं को झेलना पड़ रही है।


गंदगी से पनप रहे मच्छर

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में रोजाना सफाई नहीं किए जाने कारण चारों और गंदगी फैली हुई है और नालियां कचरे से भरी हुई है। नालियों में कचरा भरा होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी घर के बाहर सड़क पर भरा रहता है। जिसके कारण मच्छर पनप रहे हैं। गांव में कुशवाह और रावत बस्ती के साथ पुराने आंगनबाड़ी केन्द्र और पूर्व सरपंच के घर के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है और नालियां जाम पड़ी हुई है। गांव में सफाई के लिए सरपंच और सचिव द्वारा स्वच्छता के नाम पर हर महीने हजारों रुपये बिल बाउचर लगाए जाते हैं, लेकिन गांवों में सफाई कहीं भी दिखाई नहीं दे रही है।


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